जनगणना 2027 का प्रथम चरण जिले में सफलतापूर्वक हुई संपन्न

The first phase of Census 2027 was successfully completed in the district.

जनगणना 2027 का प्रथम चरण जिले में सफलतापूर्वक हुई संपन्न

 जनगणना 2027 का प्रथम चरण जिले में सफलतापूर्वक हुई संपन्न
 
 365 ग्रामों और 122 वार्डों का हुआ शत-प्रतिशत कवरेज 

एमसीबी/01 जून 2026
जनगणना 2027 के अंतर्गत जिले में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित प्रथम चरण (फेज-1) का कार्य निर्धारित समय-सीमा में सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। यह राष्ट्रीय महत्व का अभियान केवल जनसंख्या और आवासीय आंकड़ों का संकलन भर नहीं है, बल्कि भविष्य के भारत और छत्तीसगढ़ के विकास की मजबूत आधारशिला तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जनगणना के माध्यम से यह आकलन किया जाता है कि शासन की योजनाओं और विकास के लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक किस प्रकार और कितनी प्रभावशीलता के साथ पहुंच रहे हैं।
भारत की जनगणना 2027 का कार्य जिले में दो चरणों में संपादित किया जा रहा है। प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का फील्ड कार्य 1 मई 2026 से प्रारंभ होकर 30 मई 2026 को सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ। वहीं द्वितीय चरण के तहत जनसंख्या गणना का कार्य फरवरी 2027 में किया जाएगा। प्रथम चरण में तैयार की गई मकानसूचीकरण सूची द्वितीय चरण की जनसंख्या गणना के लिए आधार तैयार करेगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी मकान अथवा उसमें निवासरत परिवार गणना से वंचित न रहे।
जिले की सभी तहसीलों और नगरीय क्षेत्रों में यह कार्य शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और कुशलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस दौरान प्रगणकों ने घर-घर पहुंचकर प्रत्येक मकान और उसमें निवासरत परिवारों से भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों के आधार पर जानकारी संकलित की। इन प्रश्नों में मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध मूलभूत सुविधाएं तथा परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी शामिल थी। समस्त आंकड़े मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से एकत्रित कर भारत सरकार के सर्वर पर सुरक्षित रूप से अपलोड किए गए हैं। जिले के सभी क्षेत्रों का पूर्ण कवरेज सुनिश्चित किया गया तथा कोई भी ग्राम, वार्ड या क्षेत्र गणना कार्य से नहीं छूटा। इस कार्य में जिले के नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक सहयोग प्रदान किया।
विशेष रूप से तहसील कोटाडोल, जो पूर्णतः वनाच्छादित एवं दुर्गम क्षेत्र है, वहां के दूरस्थ ग्रामों में भी प्रगणकों ने घर-घर पहुंचकर निर्धारित समय-सीमा में जानकारी संकलित की और कार्य को सफलतापूर्वक संपादित किया। यह प्रशासनिक टीम की प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता का उदाहरण माना जा रहा है।
जनगणना से संबंधित नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई व्यक्तिगत जानकारी को जनगणना अधिनियम 1948 तथा जनगणना नियमावली 1990 के प्रावधानों के तहत पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा। संकलित आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा संपूर्ण जनगणना प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्धारित समय पर आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे।
जिले में प्रथम चरण का कार्य 6 तहसीलों के अंतर्गत आने वाले 365 ग्रामों तथा 6 नगरीय निकायों के 122 वार्डों में संपादित किया गया। इसके लिए जिले में 6 ग्रामीण चार्ज और 6 नगरीय चार्ज गठित किए गए थे, जिनके अंतर्गत कुल 728 मकानसूचीकरण गणना ब्लॉक बनाए गए थे।
इस विशाल अभियान को सफलतापूर्वक संपादित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई थीं। अभियान में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी, आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी, अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), 12 चार्ज अधिकारी, आयुक्त, तहसीलदार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर निगम, नगरपालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के अधिकारी-कर्मचारी, 1 मास्टर ट्रेनर, 17 फील्ड ट्रेनर, 603 प्रगणक तथा 106 सुपरवाइजरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने जिले में प्रथम चरण का कार्य गुणवत्तापूर्ण, कुशलतापूर्वक और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण होने पर जिला जनगणना अधिकारी, जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारियों-कर्मचारियों, सभी अनुविभागीय अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों, मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनरों, सुपरवाइजरों, प्रगणकों तथा जिले के समस्त नागरिकों को इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में दिए गए अभूतपूर्व सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि फरवरी 2027 में आयोजित होने वाले जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के दौरान भी जिलेवासियों का इसी प्रकार सहयोग प्राप्त होगा, जिससे यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य और अधिक सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सकेगा।