जबलपुर मध्य प्रदेश के चार महानगरों में से एक प्रमुख शहर है

Jabalpur is one of the four metropolises of Madhya Pradesh.

जबलपुर मध्य प्रदेश के चार महानगरों में से एक प्रमुख शहर है

जबलपुर मध्य प्रदेश के चार महानगरों में से एक प्रमुख शहर है। यह जिला देश की रक्षा और सामरिक दृष्टि से अहम है, क्योंकि यहां कई रक्षा इकाइयां और सैन्य छावनी भी है। 2011 की जनगणना के अनुसार जबलपुर जिले की जनसंख्या 24 लाख 63 हजार 289 है।

भारत के केंद्र में बसे जबलपुर जिले में सांस्कृतिक और धार्मिकता के कई रंग देखने मिलते हैं। इसके कारण जबलपुर को संस्कारधानी के नाम से भी जाना जाता है। नर्मदा नदी की धारा के बीच संगमरमरी चट्टानों से घिरा भेड़ाघाट का धुंआधार जलप्रपात देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। इसके साथ ही जबलपुर में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की प्रधान पीठ, राज्य न्यायिक अकादमी, केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की पीठ है जिससे यह मप्र की न्यायधानी भी कहलाता है। जबलपुर के आसपास कई राष्ट्रीय उद्यान और पर्यटन क्षेत्र हैं।

इन संस्थानों से जिले की पहचान

जबलपुर में मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान चिकित्सा विश्वविद्यालय, पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, विद्युत उत्पादन व वितरण कंपनियों का मुख्यालय, पश्चिम मध्य रेलवे का मुख्यालय है। औद्याेगिक क्षेत्र रिछाई में 200 से ज्यादा छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाईयां हैं। पांच आयुध निर्माणियां, सैनिक छावनी इस शहर की मुख्य पहचान हैं।

आर्थिक गतिविधियों में भी विकास

मटर उत्पादन में जबलपुर के पाटन क्षेत्र की ख्याति दुनियाभर में है। आयरन ओर व बाक्साइड भी जबलपुर में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। गिट्टी की 200 से ज्यादा खदानें व क्रेशर प्लांट संचालित हैं। रेडीमेड गारमेंट एंड फैशन डिजाइन क्लस्टर, आइटी पार्क के कारण जबलपुर की आर्थिक गतिविधियों को और बढ़ावा मिल रहा है। टेक्साटाइल्स पार्क को विकसित करने की कवायद जारी है। जबलपुर में प्रदेश का सबसे लंबा रिंग रोड निर्माणाधीन है।

देश के बड़े शहरों से सीधा जुड़ा

इंदौर के बाद जबलपुर के डुमना विमानतल की हवाई पट्टी सबसे बड़ी है। जहां बड़े विमानों की लैंडिंग आसान हो गई है। यहां से देश के बड़े शहरों तक आने-जाने विमान सेवा उपलब्ध रहती है। हावड़ा मुंबई रेल मार्ग जबलपुर से होकर गुजरता है, जहां से गुजरने वाली सभी ट्रेनें यहां रुकती हैं।

दुग्ध उत्पादन और स्वास्थ्य में भी आगे

जबलपुर शहर से लगा परियट क्षेत्र डेयरी व्यवसाय के लिए प्रसिद्ध है। जबलपुर से महाराष्ट्र समेत कुछ अन्य शहरों में दूध की आपूर्ति की जाती है। सांची व अमूल का प्लांट स्थापित है। करीब 135 छोटे-बड़े निजी अस्पताल संचालित हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज अस्पताल, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी शिशु एवं मातृत्व कल्याण इकाई का दर्जा प्राप्त एल्गिन अस्पताल है।