धरमगढ़ सेवा सहकारी समिति में 37 लाख रुपए की अवैध धान खरीदी का खुलासा

Illegal paddy purchase worth Rs 37 lakhs exposed in Dharamgarh Seva Sahakari Samiti

धरमगढ़ सेवा सहकारी समिति में 37 लाख रुपए की अवैध धान खरीदी का खुलासा

धान की फर्जी खरीदी मामले में समिति प्रबंधक व ऑपरेटर पर थ्प्त् की तैयारी

कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देश पर उपार्जन केंद्रों में जांच तेज

कवर्धा, 28 मई 2026

धरमगढ़ सेवा सहकारी समिति में 37 लाख रुपए की अवैध धान खरीदी का खुलासा

कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देश पर जिले के उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी एवं भंडारण व्यवस्था की सघन जांच लगातार जारी है। इसी क्रम में खाद्य विभाग द्वारा धरमगढ़ सेवा सहकारी समिति में जांच के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है। प्रारंभिक जांच में लगभग 1200 क्विंटल धान, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 37 लाख रुपए है, का कागजों में अवैध खरीदी किया जाना पाया गया है। मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए संबंधितों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

    कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि शासन की खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान समिति प्रबंधक ललित सेंगर एवं ऑपरेटर राजकुमार ठाकुर की उपस्थिति में धान के बोरे का भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान एक बोरे का वजन मात्र 24.800 किलोग्राम पाया गया, जबकि निर्धारित मानक के अनुसार वजन अधिक होना चाहिए था। इससे धान खरीदी, तौल एवं भंडारण प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी की पुष्टि हुई।

   जांच टीम द्वारा रिकॉर्ड एवं भौतिक भंडारण का मिलान करने पर दस्तावेजों और वास्तविक उपलब्धता में अंतर पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन तैयार किया है। मामले में समिति प्रबंधक ललित सेंगर तथा ऑपरेटर राजकुमार ठाकुर के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। जांच दल में खाद्य अधिकारी चन्द्रशेखर देवांगन, सहायक खाद्य अधिकारी दलेश्वर साहू, खाद्य निरीक्षक अमित द्विवेदी,  अनामिका ठाकुर, निधि वर्मा, सहकारिता निरीक्षक प्रवेश तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। प्रशासन द्वारा जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों में भी जांच अभियान जारी रखने की बात कही गई है।