आईआईटी भिलाई ने खगोल विज्ञान और अनुसंधान के माध्यम से अगली पीढ़ी को किया प्रेरित

IIT Bhilai inspires the next generation through astronomy and research

आईआईटी भिलाई ने खगोल विज्ञान और अनुसंधान के माध्यम से अगली पीढ़ी को किया प्रेरित

भिलाई । आईआईटी भिलाई विज्ञानं एवं तकनीकी क्षेत्रों में अनुसंधान और शिक्षण में उत्कृष्टता के अपने मिशन को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। भौतिकी विभाग में चल रहा एक प्रमुख प्रोजेक्ट खगोल विज्ञान के क्यूऑट  क्यूऑट ब्रह्माण्ड में हाइड्रोजन के विखंडन क्यूऑट  पर केंद्रित है। यह प्रोजेक्ट डॉ. महावीर शर्मा के नेतृत्व में संचालित हो रहा है और इसे भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वित्त सहायत प्राप्त है।

इस शोध समूह के आकाश गंगा निर्माण और हाइड्रोजन विखंडन पर शोध परिणाम आरएक्सीव पर उपलब्ध हैं। इस शोध में ब्रह्मांड के अंधकारमय अवस्था से सितारों से भरी चमकदार अवस्था में परिवर्तन को समझाया गया है। शनिवार को, आईआईटी भिलाई ने विज्ञानं में प्रशिक्षण के उद्देश्य से, भौतिकी विभाग ने केंद्रीय विद्यालय डोंगरगढ़ के 90 छात्रों और उनके शिक्षकों की मेजबानी की। इस दौरे को भारत सरकार की पीएम योजना के तहत समर्थन मिला।

ब्रह्मांडीय विखंडन प्रोजेक्ट के एसोसिएट नचिकेत जोशी और अन्य पीएचडी छात्रों ने स्कूली बच्चों के लिए इंटरएक्टिव और प्रेरणादायक सत्र आयोजित किया। इस सत्र में खगोल भौतिकी और सूर्य उत्सर्जन जैसे उन्नत विषयों पर चर्चा की गई। खगोलीय पिंडों का अवलोकन करने के लिए एक टेलीस्कोप सत्र भी आयोजित किया गया, जिसने छात्रों को बेहद रोमांचित किया।

उनकी यात्रा का समापन भौतिकी विभाग की प्रयोगशालाओं और टेलीस्कोप पर व्यावहारिक अनुभव के साथ हुआ। छात्रों ने इस कार्यक्रम को बेहद लाभकारी और प्रेरणादायक बताया। निदेशक प्रोफेसर राजीव प्रकाश के नेतृत्व में, आईआईटी भिलाई छत्तीसगढ़ को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता का केन्द्र बनाने के लिए अग्रसर है।