ईमानदारी हो तो ऐसी…पैसे मिले पर, लूटा नहीं बल्कि वापस कर दिया

If there is honesty then it is like this… but the money was received, but it was not looted but returned

ईमानदारी हो तो ऐसी…पैसे मिले पर, लूटा नहीं बल्कि वापस कर दिया

जब आप सड़क पर चलते हैं, तो कभी-कभी आपको कुछ ऐसा दिखाई देता है जिसकी आपको उम्मीद नहीं होती। ऐसी ही एक घटना हुई जब लाइनमैन सतीश यादव ने सड़क पर एक बैग पड़ा देखा। इस घटना ने न केवल सतीश यादव की ईमानदारी को प्रदर्शित किया, बल्कि समाज को ईमानदारी और जिम्मेदारी का एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।

नई दिल्ली :  जब आप सड़क पर चलते हैं, तो कभी-कभी आपको कुछ ऐसा दिखाई देता है जिसकी आपको उम्मीद नहीं होती। ऐसी ही एक घटना हुई जब लाइनमैन सतीश यादव ने सड़क पर एक बैग पड़ा देखा। घटना उस समय घटी जब सतीश यादव अपनी नियमित ड्यूटी कर घर लौट रहे थे।लालागुडा क्षेत्र में हुई इस घटना ने न केवल सतीश यादव की ईमानदारी को प्रदर्शित किया, बल्कि समाज को ईमानदारी और जिम्मेदारी का एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।

उस दिन सतीश यादव अपनी ड्यूटी करने के बाद लालागुडा से गुजर रहे थे। तभी अचानक एक मोटरसाइकिल उनसे आगे निकल गई और उनका बैग सड़क पर गिर गया। सतीश यादव ने तुरंत बैग उठाया और आसपास खड़े लोगों के बीच मोटरसाइकिल सवार को ढूंढने की कोशिश की लेकिन वह व्यक्ति तेजी से वहां से निकल गया।

ईमानदारी का दिया संदेश

जब सतीश यादव ने बैग खोला तो पाया कि अंदर करीब दो लाख रुपये नकद थे।इस अप्रत्याशित स्थिति ने उन्हें थोड़ा डरा दिया क्योंकि इतने सारे पैसे मिलना सामान्य बात नहीं थी। साथ ही उन्होंने लालच में पैसे नहीं बचाए और तुरंत सही कदम उठाया। उसने बैग ले लिया और पास के लालागुडा पुलिस स्टेशन को सौंप दिया।

पुलिस ने की तारीफ

जब सतीश यादव थाने पहुंचे तो उनकी ईमानदारी की तारीफ की गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से जनता में ईमानदारी और जिम्मेदारी का संदेश जाता है। उन्होंने सतीश की सराहना करते हुए कहा कि उनकी पहल से हमें पता चलता है कि अगर हम सही रास्ते पर चलें तो हमारी ईमानदारी और अच्छे कर्म बदलते समाज में अहम भूमिका निभा सकते हैं। पुलिस का मानना ​​है कि अगर समाज का हर सदस्य ऐसे सकारात्मक कदम उठाए तो यह समाज के मूल्यों को मजबूत करने का एक अच्छा तरीका होगा।