लखमा के करीबी सुशिल ओझा के भी घर पर ईडी का छापा...
ED raids at the house of Lakhma's close aide Sushil Ojha...
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दो जिलों में शनिवार सुबह ईडी की टीम ने बड़ा एक्शन लिया है। रायपुर में ईडी अधिकारियों ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा के घर पर छापा मारा। इसके अलावा, सुकमा जिले में भी ईडी की टीम ने छापेमारी की। यहां अधिकारियों ने पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा से कांग्रेस विधायक कवासी लखमा के बेटे हरीश कवासी के घर पर भी छापा मारा। इसके साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष जगन्नाथ राजू साहू के घर पर भी ईडी ने छापा डाला।
कांग्रेस नेता सुशील ओझा के ठिकानों पर भी रेड:
ईडी की टीम ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील ओझा के ठिकानों पर भी छापेमारी की है। जी.ई. रोड की चौबे कॉलोनी स्थित सुशील ओझा के घर पर ईडी की टीम पहुंची है। सुशील ओझा को पूर्व मंत्री कवासी लखमा का करीबी बताया जा रहा है। ईडी को कवासी लखमा के करीबी सुशील ओझा घर पर नहीं मिले हैं।उनकी पत्नी, भाई और नौकर समेत ड्राइवर से ईडी के अधिकारी पुछताछ कर रहे है।
रायपुर में ईडी की रेड:
ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम ने रायपुर के धरमपुरा स्थित पूर्व मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा के ठिकानों पर छापा मारा है। घर के बाहर बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं। इसके अलावा, सुकमा में भी कवासी लखमा के बेटे हरीश लखमा सहित अन्य लोगों के ठिकानों पर जांच जारी है।
सुकमा में कवासी लखमा के घर पर भी ईडी की रेड:
रायपुर में कोंटा विधायक कवासी लखमा के घर के अलावा सुकमा में भी ईडी की टीम ने छापा मारा है। ईडी अधिकारियों ने कवासी लखमा के बेटे हरीश कवासी के घर पर भी छापेमारी की है। इसके अलावा, नगर पालिका अध्यक्ष जगन्नाथ राजू साहू के घर पर भी दबिश दी गई है।
शराब घोटाले के लेकर जांच:
जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम शराब घोटाले मामले की जांच में जुटी हुई है, और इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है। छत्तीसगढ़ में करीब 2200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा का नाम भी शामिल है। ईडी ने इस घोटाले में पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी को मास्टरमाइंड बताया है।
आरोप है कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी, तब प्रदेश में बड़ा शराब घोटाला हुआ। इस घोटाले की जानकारी तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा को भी थी, और घोटाले के दौरान कमीशन का एक बड़ा हिस्सा पूर्व मंत्री कवासी लखमा के पास भी जाता था।






