महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने कारगर साबित हो रही दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना

Didi e-rickshaw assistance scheme is proving to be effective in making women self-reliant

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने कारगर साबित हो रही दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना

कोण्डागांव ।  राज्य शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना एक कारगर पहल साबित हो रही है। श्रम विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत महिलाओं को ई रिक्शा के लिए एक लाख रूपए की अनुदान राशि दी जाती है। 

श्रम अधिकारी ने बताया कि दीदी ई रिक्शा सहायता योजना के लिए 18 से 50 आयु समूह के पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिक, जो भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल में न्युनतम 03 वर्षों से पंजीकृत हो वे पात्र होंगे। इसके तहत राशि रू 01 लाख सहायता राशि मिलती है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों में पंजीयन प्रमाण पत्र, बैंक से लोन प्राप्त करने सम्बन्धी दस्तावेज की ओरिजिनल स्कैन कॉपी, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस ओरिजिनल स्कैन कॉपी और नियोजक के संबंध में शासन द्वारा जारी निर्धारित प्रपत्र में स्वघोषणा प्रमाण पत्र आवश्यक है। 

इसी प्रकार ई-रिक्शा सहायता योजना (असंगठित कर्मकार मण्डल) के लिए 18 से 50 आयु समूह के पंजीकृत सायकल रिक्शा चालक, ऑटो चालक अथवा पंजीकृत श्रमिकों के पंजीकृत समूह पात्र होंगे। पंजीकृत सायकल रिक्शा, ऑटो चालकों को ई-रिक्शा हेतु मंडल द्वारा अनुदान राशि रूपए 50,000 स्वयं का अंशदान राशि रूपये 10,000/- एवं बकाया राशि बैंक से ऋण के माध्यम से हितग्राही द्वारा देय होगा। योजनांतर्गत बैंक से ऋण प्राप्ति का अभिलेख प्रस्तुत करने पर ही मंडल द्वारा राशि रूपये 50,000/- हितग्राही को प्रदान किया जाता है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों में बैंक से लोन प्राप्त करने सम्बन्धी दस्तावेज ओरिजिनल स्कैन कॉपी, हितग्राही पंजीयन कार्ड, बैंक पासबुक कापी, ड्राइविंग लाइसेंस ओरिजिनल स्कैन कॉपी, आय प्रमाण पत्र (पटवारी/सरपंच अथवा पार्षद द्वारा जारी) और आधार कार्ड ओरिजिनल स्कैन कॉपी आवश्यक है। योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए श्रम विभाग कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।