राज्य निर्वाचन आयुक्त से दिव्यांग गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों को निर्वाचन से पृथक रखने की रखी मांग

Demand placed before State Election Commissioner to keep disabled employees suffering from serious illnesses away from election

राज्य निर्वाचन आयुक्त से दिव्यांग गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों को निर्वाचन से पृथक रखने की रखी मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने राज्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनाव में शासकीय सेवकों से निर्वाचन कार्य में सेवायें लेने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए है।

*फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य  निर्वाचन आयोग आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनाव सफलता पूर्वक संपादित करने के लिए चुनावी प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया है। प्रदेश के शासकीय सेवकों द्वारा चुनाव कार्य को निष्पक्ष संपादित करने के लिए दिन रात परिश्रम करते है। नक्सली क्षेत्र में पदस्थ कर्मचारी/अधिकरी अपने जान को जाखिम में डाल कर निर्वाचन आयोग के निर्देर्शो का पालन करते हुए निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सदैव प्रतिबद्व रहते है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयुक्त को पत्र भेजकर मांग की है कि निर्वाचन कार्य से ऐसे शासकीय सेवकों को पृथक रखा जाये जो कि शारीरिक रूप से विकलांग, दिव्यांग अथवा गंभीर बीमारी जैसे हार्ट सर्जरी, किडनी ट्रांसप्लांट इत्यादि से पीड़ित हो।

साथ ही महिला कर्मचारियों को सुरक्षा दृष्टिकोण से चुनाव कार्य से पृथक रखा जावे। इसी तरह ऐसे शासकीय कर्मचारी जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो उन्हें भी चुनाव कार्य से मुक्त रखा जावे। यदि इन कर्मचारियों की सेवायें अति अनिवार्य हो तो उन्हें निर्वाचन कार्यालयों में कार्यालयीन कार्य हेतु संलग्न कर दिया जावेे।निर्वाचन कार्य में ड्यूटी कर रहे वाहन चालकों, दैनिक वेतन भोगीकर्मचारियों को भी मानदेय देने की मांग भी की गई है।