ग्राम परसहा में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर कांग्रेस ने किया चक्काजाम
Congress blocked the road in village Parsaha due to lack of basic facilities
कवर्धा। बोड़ला ब्लॉक के ग्राम परसहा में सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष होरीराम साहू के नेतृत्व में ग्रामीणों और कांग्रेसजनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर पांच घंटे तक चक्काजाम कर दिया। इस आंदोलन के चलते रामहेपुर शक्कर कारखाने के दोनों ओर कई किलोमीटर तक चार पहिया वाहनों की लंबी कतार लग गई।
एम्बुलेंस नहीं पहुंचती, पानी-बिजली गायब
ग्राम परसहा की स्थिति बेहद दयनीय है। खराब सड़कों की वजह से एम्बुलेंस गांव में नहीं पहुंच पाती, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं। पेयजल के किसी भी पुख्ता साधन का अभाव है, जिससे गांववासी पीने के पानी के लिए परेशान हैं। वहीं, बिजली की आपूर्ति भी बेहद अनियमित है – घंटों गुल रहती है।
ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को समस्याएं बताने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। यहां तक कि स्थानीय विधायक व प्रदेश के उपमुख्यमंत्री को भी जानकारी दी गई, लेकिन समस्याएं जस की तस बनी रहीं।
गांव की महिलाएं-बच्चे भी आंदोलन में शामिल
आक्रोशित ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतर आए। महिलाएं, पुरुष और बच्चे नारेबाजी करते हुए सड़क पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों में अशोक सिंह, गोपाल चंद्रवंशी, पीतांबर वर्मा, मणिकांत त्रिपाठी, विजय पांडे, शिवप्रसाद वर्मा, अमित वर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।
प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद मिला आश्वासन
चक्काजाम की खबर मिलते ही कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर मौके पर पहुंचे, लेकिन आंदोलनकारियों ने उनसे चर्चा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद एसडीएम बोड़ला मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं जल्द दूर करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा, “हम स्थिति की गंभीरता से वाकिफ हैं और व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी लेते हुए जल्द से जल्द समाधान करेंगे।”
जिला कांग्रेस ने चेताया – कार्रवाई नहीं हुई तो होगा घेराव
जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेताया कि यदि गुरुवार से सड़कों की मरम्मत और समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा।






