छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ACB ने विजय भाटिया को दिल्ली से किया गिरफ्तार
Chhattisgarh liquor scam: ACB arrested Vijay Bhatia from Delhi
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने फरार आरोपी विजय भाटिया को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। भाटिया को पूछताछ के लिए छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है।
भाटिया को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी कारोबारी माना जाता है और वह ईओडब्ल्यू, एसीबी और ईडी की कई जांचों में पहले से संदिग्ध था। इससे पहले तीन बार उसके नेहरू नगर, दुर्ग स्थित ठिकानों पर छापा मारा गया था लेकिन वह फरार हो गया था। इस बार दिल्ली से दबोच लिया गया।
दुर्ग-भिलाई में एक साथ 5 ठिकानों पर छापेमारी
रविवार सुबह से ही EOW और ACB की संयुक्त टीम ने दुर्ग-भिलाई के पांच ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इनमें विजय भाटिया के मैनेजर संतोष रामटेके के घर पर भी रेड की गई। रामटेके फिलहाल दिल्ली में मौजूद हैं। टीमें शराब घोटाले से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी हैं।
ED की चार्जशीट में 21 आरोपी
ED ने अपनी चार्जशीट में 21 आरोपियों के नाम शामिल किए हैं, जिनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, कारोबारी अनवर ढेबर, पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, भाटिया वाइन मर्चेंट, सिद्धार्थ सिंघानिया का नाम शामिल हैं। वहीं छत्तीसगढ़ डिस्टिलर, वेलकम डिस्टिलर, ओम साईं ब्रेवरीज, टॉप सिक्योरिटी, दिशिता वेंचर कंपनियां भी निशाने पर हैं।
ED ने 28 दिसंबर 2024 को लखमा और उनके परिजनों के ठिकानों पर छापा मारा था। 15 जनवरी 2025 को उन्हें गिरफ्तार कर रायपुर सेंट्रल जेल भेजा गया।
भूपेश सरकार के दौरान हुआ घोटाला
ED की रिपोर्ट के अनुसार, यह शराब घोटाला भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुआ, जिसमें तत्कालीन आबकारी विभाग के अधिकारी एपी त्रिपाठी, आईएएस अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर ने मिलकर अवैध शराब वितरण नेटवर्क से करोड़ों रुपये का लाभ उठाया।
विजय भाटिया की गिरफ्तारी से घोटाले की जांच में नया मोड़ आ गया है। ACB और EOW की टीम अब घोटाले के नेटवर्क को उजागर करने के अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में और भी बड़े नामों पर शिकंजा कसने की संभावना है।






