जिले के जंगलों में मांसाहारी जानवर भी मौजूद, बाघ व तेंदुओं की फोटो वायरल
Carnivorous animals are also present in the forests of the district, photos of tigers and leopards go viral
बुरहानपुर। जिले के जंगलों में मौजूद वन्य प्राणियों की प्रजातियां और उनकी संख्या जानने के लिए रविवार से वन विभाग सात रेंजों में 600 ट्रैप कैमरे लगाने का काम शुरू कर रहा है। इसके लिए बोदरली, शाहपुर, खकनार, नेपानगर व बुरहानपुर सहित अन्य रेंज में 300 लोकेशन चिन्हित की गई हैं।
प्रत्येक लोकेशन पर दो-दो कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे सतपुड़ा टाइगर रिजर्व ने वन विभाग को 25 दिन के लिए उपलब्ध कराए हैं। उप वन मंडलाधिकारी अजय सागर ने बताया कि कैमरे लगाने का काम वन विभाग का प्रशिक्षित अमला ही करेगा। यह काम वाइल्ड लाइफ से जुड़े एनजीओ डब्ल्यूसीटी के सहयोग से हो रहा है।
जंगलों में बाघ और तेंदुए भी मौजूद
जिले के जंगलों में बाघ और तेंदुए जैसे मांसाहारी वन्यप्राणी भी मौजूद हैं। इसकी पुष्टि बीते दिनों नेपानगर क्षेत्र में मृत मिले बाघ व तेंदुए के शवों से हुई है। इससे पहले तक यह माना जाता था कि जिले के जंगलों में मोर, लोमड़ी, भालू, लकड़बग्घा, हिरण जैसे अन्य प्राणी ही मौजूद हैं।
दरअसल, जिले के जंगलों से लगे मेलघाट टाइगर रिजर्व और अंबाबारा अभ्यारण्य से बीते सालों में काफी संख्या में मांसाहारी वन्यजीव पलायन कर जिले में आ गए हैं। यहां उन्हें अनुकूल वातावरण मिलने से वे वापस नहीं गए।
चांदनी के जंगल में नजर आया तेंदुआ
नेपानगर वन परिक्षेत्र के चांदनी गांव से लगे जंगल में बीते दिनों फिर एक तेंदुआ नजर आया है। दरअसल, वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर फ्रैंकलिन साइमन ने कुछ समय पहले वन विभाग से अनुमति लेकर वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के लिए कैमरे लगाए थे।
इनमें से एक कैमरे में बीते नौ दिसंबर की रात 11 बजे के आसपास तेंदुए की तस्वीरें कैद हुई है। इससे भी नेपानगर क्षेत्र के जंगल में बाघ और तेंदुओं के होने की पुष्टि होती है।
फ्रैंकलिन साइमन ने सैकड़ों प्रजातियों के वन्य जीवों की तस्वीरें खींची हैं। हाल ही में वन विभाग ने इन फोटोग्राफ्स की बुकलेट तैयार कराई है, जिसमें 200 से ज्यादा वन्य प्राणियों के बारे में जानकारी है।






