कनाडा चुनाव : ट्रूडो की पार्टी फिर जीती, कॉर्नी फिर बनेंगे पीएम, भारत विरोधी जगमीत सिंह की करारी शिकस्त
Canada elections: Trudeau's party wins again, Corney will become PM again, anti-India Jagmeet Singh suffers a crushing defeat
टोरंटो. कनाडा में हुए आम चुनावों के नतीजों में जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी ने फिर से सत्ता में वापसी कर ली है. लिबरल पार्टी को 166 सीटों पर जीत मिलती नजर आ रही है. हालांकि बहुमत के लिए 170 सीटों की जरूरत होती है, लेकिन लिबरल पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और सरकार बनाने की स्थिति में है. इस बार प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी जस्टिन ट्रूडो के स्थान पर मार्क कार्नी संभालेंगे, जिन्हें पार्टी ने आंतरिक रूप से अपना नया नेता घोषित किया है. वहीं मुख्य विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी को लगभग 145 सीटें मिली हैं, जिससे वे सत्ता से फिर बाहर रह गई है.
जगमीत सिंह और एनडीपी को बड़ा झटका खालिस्तान समर्थक नेता जगमीत सिंह को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है. उनकी न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) पूरे देश में केवल 7 सीटें जीतने में सफल रही. जगमीत सिंह खुद भी अपनी सीट गंवा बैठे और तीसरे स्थान पर खिसक गए. हार के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी.
भावुक होते हुए जगमीत ने अपने समर्थकों से कहा, मैंने मूवमेंट को कमजोर नहीं पडऩे दिया, लेकिन जनता ने इसे स्वीकार नहीं किया. मैं निराश हूं, लेकिन हार नहीं मानूंगा. 2021 के चुनावों में एनडीपी को 25 सीटें मिली थीं और जगमीत की पार्टी ने सरकार में किंगमेकर की भूमिका निभाई थी. लेकिन इस बार जनता ने उन्हें पूरी तरह से नकार दिया.
भारत विरोधी गतिविधियों से रहा है जगमीत सिंह का नाता सिख समुदाय से आने वाले जगमीत सिंह पर पहले से ही भारत विरोधी गतिविधियों का आरोप रहा है. उन पर खालिस्तान समर्थकों को कानूनी मदद देने और खालिस्तान आंदोलन को बढ़ावा देने के आरोप लगे हैं. भारत ने उन्हें अपने देश में बैन भी कर रखा है. कनाडा में सिख आबादी कुल जनसंख्या का लगभग 2.1 प्रतिशत है और जगमीत ने अपने सिख वोट बैंक को मजबूत करने के लिए खालिस्तान मुद्दे को लगातार उछाला था.






