स्लम क्षेत्र में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बाल सुरक्षा, बाल विवाह और नशामुक्ति पर जागरूकता
Awareness on child safety, child marriage and de-addiction through street plays in slum areas
दुर्ग। महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार ठगड़ा बांध पुलिस लाइन के पारा स्थित उड़िया बस्ती (स्लम क्षेत्र) में शुक्रवार शाम नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आईसीपीएस, आईसीडीएस तथा एनजीओ स्टार फाउंडेशन की संयुक्त टीम द्वारा किया गया। शाम 6 बजे खुले मंच पर प्रस्तुत इस नुक्कड़ नाटक में बस्तीवासियों को गुड-टच, बैड-टच की समझ, बाल विवाह की हानियां और नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। कोई बच्चा यदि श्रमिक के रूप में कार्यरत दिख रहा है या भीख मांगते हुए दिख रहा है या सड़क जैसी परिस्थितियों में मिले, ऐसे बच्चांे के लिए चौबीस घण्टे टोल फ्री नम्बर 1098 पर तुरन्त सूचित करने की अपील की गई।
बाल विवाह के बारे में बताया गया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। सभी को यह भी जानकारी दिया गया कि वाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के तहत 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की के विवाह को प्रतिबंधित करता है। अगर कोई 21 वर्ष से कम आयु के लड़के 18 वर्ष से कम आयु की किसी बालिका से विवाह करता या कराता है तो उसे 02 वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 01 लाख रूपए तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। कोई व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, करता है अथवा उसकी सहायता करता है, उन्हें दण्डित किया जा सकता है तथा कोई व्यक्ति जो बाल विवाह को बढ़ावा अथवा जानबूझकर उसकी अनुमति देता है, बाल विवाह में सम्मिलित होता है, तो उसे भी दण्डित किया जा सकता है। बाल विवाह की सूचना व जानकारी प्राप्त होने पर 1098 चाईल्ड हेल्प लाईन दुर्ग में संपर्क कर सकते है। बाल विवाह न ही करे और करवाये। बाल विवाह से बच्चो की मनोदशा पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। साथ ही बाल विवाह पर शपथ दिलाई गई।






