अहिल्या बाई के आदर्श आज भी प्रासंगिक : संदीप शर्मा

Ahilya Bai's ideals are still relevant: Sandeep Sharma

अहिल्या बाई के आदर्श आज भी प्रासंगिक : संदीप शर्मा

भाजपा जवाहर नगर मंडल ने उनके आदर्शों को बताया मार्गदर्शक

रायपुर। मराठा शासन की महान रानी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती पर भाजपा जवाहर नगर मंडल द्वारा मंगलवार को दुलार धर्मशाला, बढ़ई पारा में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने अहिल्या बाई के न्यायप्रिय, दूरदर्शी और लोक कल्याणकारी शासन को आधुनिक भारत के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।

अहिल्या बाई के आदर्श आज भी प्रासंगिक : संदीप शर्मा
छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि अहिल्या बाई होलकर का शासनकाल न्याय, कुशल प्रशासन और महिला सशक्तिकरण के लिए आज भी मिसाल है। उन्होंने 1767 से 1795 तक मालवा क्षेत्र में शासन करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और व्यापार के क्षेत्र में कई दूरदर्शी कार्य किए।

उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने न केवल मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया, बल्कि सड़कों, पुलों और व्यापारिक सुविधाओं के विकास में भी अग्रणी रहीं। उनके शासन में महिलाओं को शिक्षा और आर्थिक भागीदारी में आगे बढ़ने का अवसर मिला, जो उस युग में असाधारण था।

संगठन और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में जवाहर नगर मंडल अध्यक्ष संदीप जघेल, पार्षद एवं माइक्रो इम्प्रूवमेंट कमेटी सदस्य अवतार सिंह बागल, भाजपा प्रवक्ता तौकीर रजा, चंद्रेश शाह, रमेश शर्मा, अर्पित सूर्यवंशी, असगर अली, मतराम वर्मा, मनोज शर्मा और महिला मोर्चा की गीता रेड्डी, रेणुका शुक्ला, प्रियंका साहू सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

संगोष्ठी संयोजकों का सराहनीय योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में संगोष्ठी संयोजक सोनू राजपूत, सूरज शर्मा, प्रणीति जैन और संतोष निहाल का विशेष योगदान रहा। मंडल अध्यक्ष संदीप जघेल ने सभी वक्ताओं, कार्यकर्ताओं और कार्यक्रम सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे आयोजनों से सामाजिक मूल्यों और प्रेरक नेतृत्व की भावना को बढ़ावा मिलता है।

यह संगोष्ठी न केवल अहिल्या बाई होलकर के योगदान को स्मरण करने का अवसर बनी, बल्कि उनके न्याय, सेवा और समर्पण के सिद्धांतों को आज की राजनीति और समाजसेवा में अपनाने का आह्वान भी। भाजपा जवाहर नगर मंडल के इस आयोजन ने दिखा दिया कि अतीत की प्रेरणा, वर्तमान की दिशा बन सकती है।