बंगाल के बाद असम में हिंसक हुआ वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन, पुलिस पर पथराव; जवानों ने किया लाठीचार्ज
After Bengal, protests against Waqf law turned violent in Assam, stones were pelted on police; soldiers resorted to lathicharge
कछार। पश्चिम बंगाल के बाद असम के कछार जिले में वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ हिंसा भड़क उठी। हालांकि मुस्तैद पुलिस जवानों ने तुरंत हालात पर काबू पाया। कछार पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मगर अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस के मुताबिक विरोध प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी की। जवाब में पुलिस ने भी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।
बिना अनुमति निकाली रैली
पुलिस के अनुसार रविवार को मुस्लिम समुदाय के लगभग 300-400 लोगों ने कछार जिले के बेरेंगा इलाके में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ रैली निकाली। मगर रैली की अनुमति नहीं ली गई थी। इस पर पुलिसकर्मियों ने रैली को रोकने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव करना शुरू कर दिया। बाद में पुलिस जवानों ने लाठीचार्ज करके भीड़ को तितर-बितर किया।
कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश
कछार जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नुमाल महत्ता का कहना है कि रैली बिना अनुमति के निकाली गई थी। पंचायत चुनाव की वजह से आदर्श आचार संहिता लागू है। इस कारण रैली की अनुमति लेना जरूरी था। जब हमें सूचना मिली तो हम मौके पर पहुंचे और भीड़ को तितर-बितर किया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की। मगर समय रहते हालात को काबू कर लिया गया।
इलाके में सुरक्षाबल तैनात
जिले के एसपी ने कहा कि अगर कोई कानून तोड़ने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। स्थिति अब नियंत्रण में है। इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।
कानून के खिलाफ अदालत पहुंचे कई सांसद
वक्फ संशोधन कानून को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिल चुकी है। विपक्षी दलों के कई नेताओं ने कानून के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी, कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और इमरान प्रतापगढ़ी, आप विधायक अमानतुल्ला खान और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख व सांसद चंद्रशेखर आजाद ने वक्फ अधिनियम के खिलाफ अदालत का रुख किया है।
असम में लागू है आचार संहिता
असम में दो चरणों में 2 मई और 7 मई को 2 पंचायत चुनाव होंगे। मतगणना 11 मई को होगी। असम सरकार के मुताबिक प्रदेश में 21 जिला परिषद, 185 आंचलिक पंचायत और 2202 ग्राम पंचायत हैं। राज्य चुनाव आयोग ने कुल 6981 उम्मीदवारों के नामांकन को स्वीकार किया है। चुनाव कार्यक्रम के एलान के बाद 2 अप्रैल से असम में आदर्श आचार संहिता लागू है।






