सरकारी नौकरी का मोह त्याग स्वरोजगार से संवारी किस्मत : पीएम रोजगार सृजन योजना से आत्मनिर्भर बने आकाश डिक्सेना
Abandoning the lure of a government job, he transformed his fortunes through self-employment: Aakash Dixit became self-reliant through the PM Rojgar Srijan Yojana
रायपुर, 18 जनवरी 2026
कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम मुंगाडीह में रहने वाले किसान परिवार के बेटे आकाश कुमार डिक्सेना ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद हार नहीं मानी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कई वर्षों तक सरकारी नौकरी के लिए तैयारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। निराश होने के बजाय आकाश ने स्वरोजगार को अपना रास्ता बनाया और आज वे पूरी तरह आत्मनिर्भर बन चुके हैं।
आकाश ने स्कूल शिक्षा के बाद कॉलेज से एमए (इंग्लिश एवं संस्कृत) और बी.एड. की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के बाद उन्होंने कुछ समय तक एक निजी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्य किया, लेकिन कम वेतन के कारण वे संतुष्ट नहीं थे। इसी दौरान उन्हें अखबार के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की जानकारी मिली। योजना के बारे में जानकर उन्होंने स्वरोजगार के माध्यम से अपने पैरों पर खड़े होने का निर्णय लिया।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत आकाश कुमार डिक्सेना ने बेकरी उद्योग स्थापित करने के लिए लगभग 11 लाख रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया। इस प्रोजेक्ट के तहत उन्हें बैंक से 9 लाख 90 हजार रुपये का वित्त पोषण प्राप्त हुआ। लोन मिलने के बाद उन्होंने अपने गांव में बेकरी उद्योग की शुरुआत की।
आज आकाश अपनी बेकरी में ब्रेड, क्रीम रोल, बिस्किट सहित अन्य बेकरी उत्पाद तैयार कर गांव में ही बिक्री करते हैं। उनके उत्पादों को ग्रामीणों का अच्छा समर्थन मिल रहा है, जिससे उन्हें नियमित और स्थायी आमदनी हो रही है। इस बेकरी उद्योग के माध्यम से गांव के कुछ बेरोजगारों को भी रोजगार मिला है। उनके पिता और माता भी इस कार्य में निरंतर सहयोग कर रहे हैं।
आकाश कुमार डिक्सेना बताते हैं कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। वे प्रतिमाह लगभग 15,300 रुपये की किस्त नियमित रूप से जमा कर रहे हैं। आज वे गर्व के साथ कहते हैं कि इस योजना की बदौलत वे आत्मनिर्भर बने हैं और स्वरोजगार के जरिए अपने पैरों पर खड़े होकर सम्मानजनक जीवन यापन कर रहे हैं।






