पर्यटन में सेवा प्रदाताओं के लिए छत्तीसगढ़ के 770 युवाओं को मिला ट्रेनिंग

770 youths of Chhattisgarh got training for service providers in tourism

पर्यटन में सेवा प्रदाताओं के लिए छत्तीसगढ़ के 770 युवाओं को मिला ट्रेनिंग

दिल्ली/रायपुर। पर्यटन क्षेत्र में सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण यानी सीबीएसपी योजना में छत्तीसगढ़ में अब तक 770 व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया गया है।

समूचे देश में 5.54 लाख व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया है। रायपुर के भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सवाल पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी दी।

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से यह जानना चाहा था कि सरकार द्वारा शुरू की गई सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण मतलब सीबीएसपी योजना का अल्पकालिक कौशल प्रमाणन प्रशिक्षण कार्यक्रम सहित इस मसले पर अन्य कार्य प्रक्रिया का ब्यौरा क्या है, और इस योजना के अंतर्गत इसकी शुरुआत से अब तक प्रशिक्षित व्यक्तियों की छत्तीसगढ़ सहित समूचे देश में जिलावार संख्या कितनी है। उन्होंने उक्त योजना के अंतर्गत पिछले 5 वर्षों के दौरान स्वीकृत और जारी की गई निधि का भी विवरण पूछा।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण सीबीएसपी नामक अपनी योजना के अंतर्गत सरकारी और सूचीबद्ध निजी संस्थाओं के माध्यम से अतिथि और पर्यटन से संबंधित अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है।

इन कार्यक्रमों में हुनर से रोजगार तक उद्यमिता कार्यक्रम कौशल प्रशिक्षण एवं प्रमाणन, पर्यटन जागरूकता कार्यक्रम आदि शामिल है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन प्रशिक्षकों के लिए देश में 2019-20 से 2023 24 तक कुल 106. 26 करोड रुपए स्वीकृत और जारी किए गए हैं। वर्ष 2023 24 में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न भागों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कुल 153 सरकारी और निजी एजेंसियों का चयन किया गया है।

इन प्रशिक्षकों के परिणाम स्वरुप प्लेसमेंट, स्वरोजगार उद्यमिता के साथ-साथ कई प्रशिक्षु डिप्लोमा और डिग्री जैसे उच्च शिक्षा के विकल्प भी चुन रहे हैं।

इसकी शुरुआत से अब तक 59210 लोगों को प्लेसमेंट मिल चुका है। देश के ग्रामीण क्षेत्रों सहित विविध समूह के उम्मीदवारों के लिए नियमित रूप से अतिथि और पर्यटन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।