तीन कृत्रिम अंगों के बावजूद माउंट एवरेज के आधार शिविर तक पहुंचे कौशिक

पणजी, 23 मईगोवा के 30 साल के टिंकेश कौशिक माउंट एवरेस्ट के आधार शिविर तक पहुंचने वाले पहले ऐसे व्यक्ति बने जिनके तीन अंग कृत्रिम हैं। एक निजी दिव्यांग अधिकार समूह ने यह दावा किया। माउंट एवरेस्ट का आधार शिविर समुद्र की सतह से 17,598 फीट ऊपर है। कौशिक ने एवरेस्ट के आधार शिविर तक का चुनौतीपूर्ण सफर 11 मई को पूरा किया। उन्होंने कहा कि वह अपनी शारीरिक अक्षमताओं के बावजूद अपनी मानसिक मजबूती की बदौलत यह उपलब्धि हासिल करने में सफल रहे। कौशिक ने हरियाणा में नौ साल की उम्र में करंट लगने के कारण घुटने के नीचे दोनों पैर और एक हाथ गंवा दिया था। कृत्रिम अंगों का सहारा लेने वाले कौशिक कुछ साल पहले गोवा चले गए थे और वहां एक फिटनेस कोच के रूप में काम कर रहे हैं। डिसेबिलिटी राइट्स एसोसिएशन ऑफ गोवा (डीआरएजी) के प्रमुख एवेलिनो डिसूजा ने बुधवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि कौशिक ने अपनी उपलब्धियों से गोवा को गौरवांवित किया है।(भाषा)

तीन कृत्रिम अंगों के बावजूद माउंट एवरेज के आधार शिविर तक पहुंचे कौशिक
पणजी, 23 मईगोवा के 30 साल के टिंकेश कौशिक माउंट एवरेस्ट के आधार शिविर तक पहुंचने वाले पहले ऐसे व्यक्ति बने जिनके तीन अंग कृत्रिम हैं। एक निजी दिव्यांग अधिकार समूह ने यह दावा किया। माउंट एवरेस्ट का आधार शिविर समुद्र की सतह से 17,598 फीट ऊपर है। कौशिक ने एवरेस्ट के आधार शिविर तक का चुनौतीपूर्ण सफर 11 मई को पूरा किया। उन्होंने कहा कि वह अपनी शारीरिक अक्षमताओं के बावजूद अपनी मानसिक मजबूती की बदौलत यह उपलब्धि हासिल करने में सफल रहे। कौशिक ने हरियाणा में नौ साल की उम्र में करंट लगने के कारण घुटने के नीचे दोनों पैर और एक हाथ गंवा दिया था। कृत्रिम अंगों का सहारा लेने वाले कौशिक कुछ साल पहले गोवा चले गए थे और वहां एक फिटनेस कोच के रूप में काम कर रहे हैं। डिसेबिलिटी राइट्स एसोसिएशन ऑफ गोवा (डीआरएजी) के प्रमुख एवेलिनो डिसूजा ने बुधवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि कौशिक ने अपनी उपलब्धियों से गोवा को गौरवांवित किया है।(भाषा)