चित्रकला की बारीकियां छात्र-छात्राओं ने जाना

दुर्ग, 7 दिसंबर। सेठ बद्रीलाल खण्डेलवाल शिक्षा महाविद्यालय में 2 से 4 दिसंबर तक तीन दिवसीय कार्यशाला नई तालीम एक कार्यात्मक अनुभव विषय के अंतर्गत आयोजित की गई। इसके द्वारा छात्रों को चित्रकला का प्रशिक्षण दिया गया। यह चित्रकला सम्पूर्ण राम चरित्र मानस पर आधारित रखी गई। जिसमें मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षिका अश्विनी करंबे (एसएसएम कला एकादमी की निर्देशिका) रही। प्राचार्य डॉ. उमाकांती सिंह ने बताया कि प्रथम दिवस में उनके द्वारा चित्रकला संबंधी आधारभूत जानकारी दी गई। द्वितीय दिवस में बारीकियों को समझाया गया तथा आकृति निर्माण संबंधी जानकारी दी गई एवं प्रकरण चयन में सहयोग किया गया। तृतीय दिवस में कार्य सम्पूर्ण किया गया। छात्राध्यापकों ने रुचिपूर्वक सहभागिता दी एवं उत्साह के साथ कार्य को पूर्ण किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अपनी प्राचीन संस्कृति से छात्रों को परिचित कराना था। कार्यक्रम में महाविद्यालय के 90त्न छात्र-छात्राओं में भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य प्रशिक्षिका अश्वनी करंबे ने बताया कि छात्र-छात्राओं को रामायण विषय पर चित्रकला करने विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राध्यापक अर्चना तिवारी एवं क्रीडाधिकारी अर्चना षडंगी के निर्देशन में सम्पन्न किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उमाकांती सिंह एवं अध्यक्ष प्रवीण चंद्र तिवारी ने कार्यक्रम की सराहना की।

चित्रकला की बारीकियां छात्र-छात्राओं ने जाना
दुर्ग, 7 दिसंबर। सेठ बद्रीलाल खण्डेलवाल शिक्षा महाविद्यालय में 2 से 4 दिसंबर तक तीन दिवसीय कार्यशाला नई तालीम एक कार्यात्मक अनुभव विषय के अंतर्गत आयोजित की गई। इसके द्वारा छात्रों को चित्रकला का प्रशिक्षण दिया गया। यह चित्रकला सम्पूर्ण राम चरित्र मानस पर आधारित रखी गई। जिसमें मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षिका अश्विनी करंबे (एसएसएम कला एकादमी की निर्देशिका) रही। प्राचार्य डॉ. उमाकांती सिंह ने बताया कि प्रथम दिवस में उनके द्वारा चित्रकला संबंधी आधारभूत जानकारी दी गई। द्वितीय दिवस में बारीकियों को समझाया गया तथा आकृति निर्माण संबंधी जानकारी दी गई एवं प्रकरण चयन में सहयोग किया गया। तृतीय दिवस में कार्य सम्पूर्ण किया गया। छात्राध्यापकों ने रुचिपूर्वक सहभागिता दी एवं उत्साह के साथ कार्य को पूर्ण किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अपनी प्राचीन संस्कृति से छात्रों को परिचित कराना था। कार्यक्रम में महाविद्यालय के 90त्न छात्र-छात्राओं में भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य प्रशिक्षिका अश्वनी करंबे ने बताया कि छात्र-छात्राओं को रामायण विषय पर चित्रकला करने विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राध्यापक अर्चना तिवारी एवं क्रीडाधिकारी अर्चना षडंगी के निर्देशन में सम्पन्न किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उमाकांती सिंह एवं अध्यक्ष प्रवीण चंद्र तिवारी ने कार्यक्रम की सराहना की।