इंदौर में दो मुनियों का महामिलन:मुनि पूज्य सागरजी बोले- मुनि प्रमाण सागरजी महाराज बड़े भैया और पिता के समान, समाजजन हर्षित
इंदौर में दो मुनियों का महामिलन:मुनि पूज्य सागरजी बोले- मुनि प्रमाण सागरजी महाराज बड़े भैया और पिता के समान, समाजजन हर्षित
दिगंबर जैन नवग्रह अतिशय क्षेत्र ग्रेटर बाबा परिसर में सोमवार को मुनि प्रमाण सागरजी महाराज ससंघ और अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागरजी महाराज का महामिलन हुआ। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह मिलन देखकर समाज जन हर्षित हुए और नमोस्तु शासन जयवंत हो का जयघोष करते हुए चले। मुनिद्वय एयरपोर्ट चौराहे से बैंड बाजों के साथ नवग्रह अतिशय क्षेत्र पहुंचे। यहां पर बड़ी संख्या में समाजजन ने मुनिश्री के पाद प्रक्षालन एवं आरती की। मुनियों ने ससंघ ने अतिशय कारी भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन किए। इसके बाद मुनिद्वय ने सभा को संबोधित भी किया। इस अवसर पर मुनि प्रमाण सागरजी ने कहा कि जब साधु से साधु का मिलन होता है तो बड़ी प्रसन्नता होती है। मुनि पूज्य सागरजी ने प्रसन्नता प्रकट करते हुए कहा कि संतों के दर्शन होते ही भक्तों का हृदय कमल खिल जाता है। लंबे इंतजार के बाद नवग्रह क्षेत्र में मुनि संघ का आगमन हुआ है। मुनि पूज्य सागर जी से भी आज मिलन का सुयोग बन पाया है। मुनिश्री की खबर आई थी, पर संयोग नहीं बना, आज बन गया। मुनि पूज्य सागरजी ने कहा कि पुण्य से संतों से मिलने का अवसर मिलता है। मुनि प्रमाण सागरजी महाराज बड़े भैया, पिता के समान हैं। आपका आशीर्वाद मिले कि धर्म प्रभावना हो पाए या नहीं पर मुझसे अप्रभावना नहीं हो। इस अवसर पर नकुल पाटोदी, मनीष अजमेरा, सौरभ पाटोदी, अशोक जैन, गिरीश वेद, अनुराग वेद, रेखा जैन, विनोद जैन, प्रदीप पाटोदी, पवन जैन, पवन पाटोदी, गजेन्द्र जैन, प्रदीप बड़जात्या, कमल रावका, महेंद्र निगोतिया, पिंकेश टोंग्या, वीरेंद्र बड़जात्या, पवन मोदी, वीरेंद्र जैन पप्पन, अर्पित बड़जात्या, रितेश कासलीवाल आदि उपस्थित थे।
दिगंबर जैन नवग्रह अतिशय क्षेत्र ग्रेटर बाबा परिसर में सोमवार को मुनि प्रमाण सागरजी महाराज ससंघ और अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागरजी महाराज का महामिलन हुआ। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह मिलन देखकर समाज जन हर्षित हुए और नमोस्तु शासन जयवंत हो का जयघोष करते हुए चले। मुनिद्वय एयरपोर्ट चौराहे से बैंड बाजों के साथ नवग्रह अतिशय क्षेत्र पहुंचे। यहां पर बड़ी संख्या में समाजजन ने मुनिश्री के पाद प्रक्षालन एवं आरती की। मुनियों ने ससंघ ने अतिशय कारी भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन किए। इसके बाद मुनिद्वय ने सभा को संबोधित भी किया। इस अवसर पर मुनि प्रमाण सागरजी ने कहा कि जब साधु से साधु का मिलन होता है तो बड़ी प्रसन्नता होती है। मुनि पूज्य सागरजी ने प्रसन्नता प्रकट करते हुए कहा कि संतों के दर्शन होते ही भक्तों का हृदय कमल खिल जाता है। लंबे इंतजार के बाद नवग्रह क्षेत्र में मुनि संघ का आगमन हुआ है। मुनि पूज्य सागर जी से भी आज मिलन का सुयोग बन पाया है। मुनिश्री की खबर आई थी, पर संयोग नहीं बना, आज बन गया। मुनि पूज्य सागरजी ने कहा कि पुण्य से संतों से मिलने का अवसर मिलता है। मुनि प्रमाण सागरजी महाराज बड़े भैया, पिता के समान हैं। आपका आशीर्वाद मिले कि धर्म प्रभावना हो पाए या नहीं पर मुझसे अप्रभावना नहीं हो। इस अवसर पर नकुल पाटोदी, मनीष अजमेरा, सौरभ पाटोदी, अशोक जैन, गिरीश वेद, अनुराग वेद, रेखा जैन, विनोद जैन, प्रदीप पाटोदी, पवन जैन, पवन पाटोदी, गजेन्द्र जैन, प्रदीप बड़जात्या, कमल रावका, महेंद्र निगोतिया, पिंकेश टोंग्या, वीरेंद्र बड़जात्या, पवन मोदी, वीरेंद्र जैन पप्पन, अर्पित बड़जात्या, रितेश कासलीवाल आदि उपस्थित थे।