‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम से महिलाओं को मिलेगी आत्मनिर्भरता की राह

Women will get the path of self-reliance from 'Didi Ke Goth' radio program

‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम से महिलाओं को मिलेगी आत्मनिर्भरता की राह

सूरजपुर, 31 अगस्त 2025

ग्रामीण महिलाओं को शासन की योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन जनपद पंचायत सूरजपुर के सभाकक्ष में हुआ, जिसमें जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले विशेष रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के नोडल अधिकारी श्री संतोष शर्मा, जनपद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, जिला पंचायत NRLM से दिलीप कुमार एक्का, मो. नसीम, BPM माधुरी भंडारी, संकुल संगठन के पदाधिकारी, जनपद स्टाफ, पीआरपी, कैडर एवं बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की दीदियां मौजूद थीं।इसके अलावा यह कार्यक्रम जिले के सभी विकासखंडों में भी चयनित स्थानों पर आयोजित किया गया। जिले के 24 संकुल स्तरीय संगठन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने अपने संदेश में कहा कि ‘दीदी के गोठ’ जैसी पहल महिलाओं की आवाज़ को हर घर तक पहुँचाएगी। उन्होंने बताया कि बिहान योजना ने छत्तीसगढ़ की हजारों महिलाओं के जीवन को बदल दिया है, जिनमें कई ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

जिला पंचायत सीईओ श्री पाटले ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘दीदी के गोठ’ का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और आत्मनिर्भरता की राह दिखाना है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाएँ अपने परिश्रम से परिवार ही नहीं, पूरे समाज की दिशा बदल रही हैं।

इस रेडियो कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की सफल महिलाओं की कहानियाँ प्रसारित की जा रही हैं, जिन्होंने कठिनाइयों को पार कर आर्थिक मजबूती और सामाजिक पहचान हासिल की है। इन प्रेरणादायी कहानियों से अन्य महिलाओं को भी नई ऊर्जा और हौसला मिलेगा तथा वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होंगी।
उल्लेखनीय है कि ‘दीदी के गोठ’ रेडियो प्रसारण से अब हर गाँव और हर घर तक सफल दीदियों की आवाज़ पहुंच सकेगी , जो ग्रामीण महिलाओं के लिए हौसला और ऊर्जा का स्रोत बनेगी।