जिला प्रशासन के प्रयास से तमिलनाडु में बंधक किशोरी मजदूरों को छुड़ाया गया

With the efforts of the district administration, the hostage teenage labourers were rescued in Tamil Nadu

जिला प्रशासन के प्रयास से तमिलनाडु में बंधक किशोरी मजदूरों को छुड़ाया गया
दंतेवाड़ा। तमिलनाडु के मोहनूर तालुका स्थित फ्लाई ऐश ईंट औद्योगिक प्रतिष्ठान में बंधक बनाए गए दंतेवाड़ा जिले की दो किशोरियों को जिला प्रशासन के प्रयासों से मुक्त करा लिया गया। इन किशोरियों को सुरक्षित वापस लाने की प्रक्रिया जारी है।

शिकायत पर की गई त्वरित कार्रवाई
छोटेहड़मामुण्डा गांव के निवासी शैलू कुंजाम द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उनकी बहन कु. सपना कुंजाम (17) और कु. सुनिता पोडियाम (19) को तमिलनाडु के नामक्कल जिले में बंधक बनाकर मजदूरी कराई जा रही है। जिला प्रशासन ने शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नामक्कल जिले के कलेक्टर से संपर्क किया।

विशेष समिति का गठन
बंधक किशोरियों को छुड़ाने के लिए एक विशेष समिति गठित की गई। इसमें मनीष कुमार नेताम: श्रम पदाधिकारी, बादू राम धनकर: नायब तहसीलदार, दंतेवाड़ा
पारस दरों: श्रम निरीक्षक, दंतेवाड़ा और भीमा राम: बंधक किशोरी का परिजन शामिल थे। समिति को निर्देश दिया गया कि वे किशोरियों को मुक्त कराकर तत्काल दंतेवाड़ा लाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें।

राहत के लिए खोले गए बैंक खाते
बंधक किशोरियों की तात्कालिक सहायता के लिए मोहनूर स्थित इंडियन बैंक में उनके नाम से बैंक खाते खोले गए। इसके अलावा, आरडीओ (राजस्व विभाग अधिकारी) द्वारा "रिलीज सर्टिफिकेट" जारी किया गया, जो किशोरियों की आधिकारिक रिहाई का प्रमाण है।

प्रशासन ने दिखाया दृढ़ संकल्प
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि दंतेवाड़ा प्रशासन बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए तत्पर है। जिला प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि मुक्त कराए गए किशोरों को उनके अधिकार दिलाए जाएं और उन्हें भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचाने के उपाय किए जाएं।

आगे की कार्यवाही
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु पुलिस द्वारा बंधक बनाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। मुक्त कराए गए किशोरियों को उनके घर वापस लाने और पुनर्वास सुनिश्चित करने की योजना तैयार की जा रही है।