केंद्रीय सचिव ने छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेख डिजिटलीकरण के दिए निर्देश

Union Secretary gave instructions for digitization of land records in Chhattisgarh

केंद्रीय सचिव ने छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेख डिजिटलीकरण के दिए निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण को लेकर तीन दिवसीय समीक्षा दौरे पर आए केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव मनोज जोशी ने राज्य सरकार और अधिकारियों को पारदर्शिता, अद्यतन रिकॉर्ड उपलब्धता और तेज कार्यान्वयन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह प्रक्रिया न सिर्फ प्रशासनिक दक्षता बल्कि किसानों और आम नागरिकों के हितों से भी जुड़ी है।

मनोज जोशी एवं संयुक्त सचिव कुणाल सत्यार्थी ने 15 जुलाई को न्यू सर्किट हाऊस नवा रायपुर में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (DILRMP) तथा ‘नक्शा परियोजना’ की प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में राजस्व विभाग के सचिव अविनाश चंपावत,महानिरीक्षक पंजीयन पुष्पेंद्र मीणा,भू संचालक विनीत नन्दनवार, भूमि संसाधन विभाग के डॉ. एम.के.स्टॅलिन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान केंद्रीय सचिव भूमि संसाधन मनोज जोशी  विभागीय अधिकारियों के साथ भू-अभिलेख के संधारण, सर्वे आदि की प्रगति की विस्तृत समीक्षा एवं परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालय के लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकरण करने के लिए अनावश्यक तिथि बढ़ाये जाने की परंपरा को रोका जाए। जिओरिफ्रेंसिंग के कार्य को पूर्ण कर किसानों के हित मे उपयोग करें। इसके लिए ध्यान रखें कि भूमि के क्षेत्र और सीमा में वेरिएशन कम से कम हो। जमीन से संबंधित प्रकरणों को निराकृत करने के लिए विशेष राजस्व अधिकारियों की नियुक्ति की जा सकती है। राज्य में भूमि सर्वे या रिसर्वे के कार्याे को क्षेत्रानुसार अलग-अलग वेंडरों को दिया जाय ताकि काम समय पर पूरा हो। उन्होंने कहा कि राज्य में भूमि सर्वे या रिसर्वे के काम को प्रशासन द्वारा कुछ गांव को मॉडल के रूप में लेकर भी किया जा सकता है। इसी तरह जमीन दस्तावेजों के साथ भू-स्वामियों के बारे में यथा आधार कार्ड,मोबाइल नंबर आदि की सम्पूर्ण जानकारी को सुरक्षित रखा जाए। इस जानकारी का उपयोग भू-स्वामियों के लिए जमीन के उपयोग,बैंक ऋण या खरीदी-बिक्री आदि में हो सकेगा।इस समीक्षा बैठक का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य में भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण और नक्शा परियोजना की प्रगति को गति देना तथा सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।


गौरतलब है कि केंद्रीय राजस्व सचिव 14 से 16 जुलाई तक राज्य के दौरे में हैं। इस महत्वपूर्ण दौरे का उद्देश्य राज्य में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, पारदर्शिता तथा अद्यतन भू-अभिलेखों की उपलब्धता को सुनिश्चित करना है ताकि आमजन को समयबद्ध एवं सुगम सेवाएं प्राप्त हो सकें। छत्तीसगढ़ शासन एवं संबंधित विभागों द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह समीक्षा बैठक मील का पत्थर सिद्ध होगी।