कश्मीर तक ट्रेन का रास्ता साफ, कटड़ा से बडगाम तक ट्रायल सफल

The way for train to Kashmir is clear, trial run from Katra to Budgam successful

कश्मीर तक ट्रेन का रास्ता साफ, कटड़ा से बडगाम तक ट्रायल सफल

कश्मीर। भारतीय रेलवे ने रविवार को कटड़ा और बडगाम रेलवे स्टेशनों के बीच 18 एसी बोगियों वाली ट्रेन का 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ट्रायल किया। कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से रेल के माध्यम से जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन पर यह पहला ट्रायल सफल रहा। अब कश्मीर तक ट्रेन पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि 18 एसी कोच, दो लगेज कैरियर और दो इंजन वाली यह ट्रेन सुबह 8:30 बजे कटड़ा रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। चार घंटे के भीतर ट्रेन सफलतापूर्वक अपने गंतव्य पर पहुंची। रेलवे सुरक्षा आयुक्त दिनेश चंद्र देशवाल व अन्य अधिकारी बडगाम स्टेशन तक रवाना हुए। ट्रेन दुनिया के सबसे ऊंचे 359 मीटर चिनाब पुल और अंजी खड्ड पर बने केबल ब्रिज सहित सभी सुरंगों से गुजरी। यह ट्रायल बिना किसी बाधा से पूरा किया गया। शनिवार को रेलवे बोर्ड के सदस्य हितेंद्रा मल्होत्रा ने बनिहाल से कटड़ा तक ट्रैक का निरीक्षण किया था।
(यूएसबीआरएल) परियोजना पर काम 1997 में शुरू हुआ था, लेकिन भूवैज्ञानिक, नदी-घाटी और मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण इसमें देरी हुई। कुल 272 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट में से 209 किलोमीटर को चरणों में चालू किया गया। इसमें 118 किमी का काजीगुंड-बारामुला खंड का पहला चरण अक्तूबर 2009 में चालू हुआ था।
इसके बाद जून 2013 में 18 किमी का बनिहाल-काजीगुंड, जुलाई 2014 में 25 किमी का उधमपुर-कटरा और पिछले साल फरवरी में 48.1 किलोमीटर लंबा बनिहाल-संगलदान खंड चालू किया गया।

46 किमी लंबे संगलदान-रियासी खंड का काम भी पिछले साल जून में पूरा कर लिया गया था। रियासी और कटड़ा के बीच कुल 17 किलोमीटर का हिस्सा बचा था। यह खंड आखिरकार दिसंबर 2024 में पूरा हुआ।

पीएम किसी भी समय ट्रेन परिचालन को दे सकते हैं हरी झंडी
ट्रायल के सफल होने से अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी भी समय इस रूट पर ट्रेन परिचालन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। ट्रेन का परिचालन शुरू होने से अब कश्मीर घाटी देश के अन्य हिस्सों से जुड़ जाएगी।