भारत पहुंची अपाचे की पहली खेप, सेना के पास अब 25 हेलीकॉप्टर
The first consignment of Apache reached India, the army now has 25 helicopters
नई दिल्ली। अपाचे हेलीकॉप्टर का पहला बैच भारत पहुंच चुका है। भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। अमेरिका से आए ये अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर भारतीय सेना के बेड़े में शामिल होने वाले हैं। इन्हें जोधपुर में तैनात किया जाएगा।
अपाचे हेलीकॉप्टर की गिनती एडवांस कॉम्बेट हेलीकॉप्टरों में होती है। इससे भारतीय सेना की मजबूती में चार चांद लग गए हैं। सेना ने भी अपाचे की एंट्री पर सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है।
सेना ने शेयर की तस्वीर
भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भारतीय सेना में शामिल हुए अपाचे। यह सेना के लिए ऐतिहासिक पल है। अपाचे हेलीकॉप्टर का पहला बैच भारत पहुंच चुका है। इससे भारतीय सेना की ऑपरेशनल क्षमताओं में इजाफा होगा।"
सेना के पास हुए 25 हेलीकॉप्टर
अपाचे हेलीकॉप्टर का पहला बैच 15 महीनों की देरी के बाद मिला है। अमेरिकी कंपनी बोइंग ने यह हेलीकॉप्टर तैयार किए हैं। भारत ने बोइंग को 2020 में 6 अपाचे हेलीकॉप्टर का ऑर्डर दिया था, जिनकी डिलीवरी पिछले साल ही होनी थी। पहली खेप में अमेरिका से 3 अपाचे हेलीकॉप्टर भारत पहुंचे हैं। भारतीय सेना में पहले से 22 अपाचे हेलीकॉप्टर हैं, जिनके साथ ही अपाचे हेलीकॉप्टर की संख्या 25 हो गई है।
अपाचे की खासियत
अपाचे हेलीकॉप्टर रात में भी दुश्मन पर भारी पड़ सकते हैं। इनमें नाइट विजन के साथ थर्मल सेंसर लगा है, जो रात के अंधेरे में दुश्मन पर सटीक वार करने में सक्षम है। यह हेलीकॉप्टर 60 सेकेंड में 128 मूविंग टार्गेट्स को पहचानकर उन्हें नष्ट कर सकता है।
अपाचे की गिनती दुनिया के सबसे एडवांस अटैक हेलीकॉप्टरों में की जाती है। भारत के अलावा अपाचे हेलीकॉप्टर अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, इजरायल और मिस्त्र की सेना का भी अहम हिस्सा हैं।
अपाचे हेलीकॉप्टर अपनी 30mm M230 चेन गन से 625 राउंड्स प्रति मिनट की रफ्तार से फायरिंग करता है। इसमें हाइड्रा 70 रॉकेट और AGM-114 हेलफायर मिसाइल सिस्टम भी लगा है। अपाचे हेलीकॉप्टर मल्टी टारगेटिंग क्षमता से लैस है, जो 1 मिनट में 16 लक्ष्यों को साधने की ताकत रखता है।
अपाचे हेलीकॉप्टर 280-365 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते हैं। वहीं, 10,433 किलोग्राम के वजन वाले यह विमान एक बार उड़ान भरने के बाद लगभग तीन से साढ़े तीन घंटे तक हवा में रह सकते हैं।






