महाकाल मंदिर में दर्शन के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ को हटाया गया

Temple administrator Ganesh Dhakad was removed in the case of fraud in the name of darshan at Mahakal temple

महाकाल मंदिर में दर्शन के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ को हटाया गया

उज्जैन। महाकाल मंदिर में रुपये लेकर दर्शन कराने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने छह और लोगों को आरोपित बनाया है। इनमें भस्म आरती प्रभारी, आइटी सेल प्रभारी, प्रोटोकाल प्रभारी व एक अन्य शामिल है। उधर सरकार ने मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ को भी हटा दिया है।

इसके अलावा महाकाल मंदिर की सुरक्षा में लगी क्रिस्टल कंपनी के भी दो कर्मचारियों को आरोपित बनाया है। पूर्व से गिरफ्तार दो आरोपितों को गुरुवार को पुलिस रिमांड खत्म होने पर उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया गया।

जलाभिषेक के नाम पर रुपये लेने का मामला

बता दें कि गत सप्ताह दर्शनार्थियों से रुपये लेकर जलाभिषेक के नाम पर रुपये लेने का मामला कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने पकड़ा था। इसके बाद मामले की मंदिर समिति ने जांच की थी। इसमें मंदिर के दर्शन प्रभारी राकेश श्रीवास्तव व सफाई निरीक्षक विनोद चौकसे की मिलीभगत सामने आई थी।

दोनों के मोबाइल की जांच करने व आनलाइन ट्रांजेक्शन गूगल पे व फोन पे खाते में लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन मिला है। पुलिस की जांच के अनुसार दोनों श्री महाकालेश्वर के दर्शन करवाने व जलाभिषेक के नाम पर रुपये ले रहे थे।

यह मंदिर समिति के साथ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत करने का अपराध है। मामले में पुलिस ने मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल की शिकायत पर दर्शन प्रभारी राकेश श्रीवास्तव व सफाई निरीक्षक विनोद चौकसे के खिलाफ धारा 318 (4), 316 (2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया था।

सोमवार को पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने दोनों को दो दिन के रिमांड पर सौंपा था। गुरुवार को रिमांड अवधि खत्म होने पर उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। दोनों कर्मचारियों को बुधवार को ही मंदिर से बर्खास्त कर दिया गया है।