नए शैक्षणिक सत्र के साथ स्कूली वाहनों की विशेष जांच, 14 वाहनों में मिली खामियां
Special inspection of school vehicles with the start of the new academic session; defects found in 14 vehicles
विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता, 12 हजार रुपये का जुर्माना वसूल
धमतरी, 16 जून 2026
जिले में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल लौट आई है। लंबे अवकाश के बाद विद्यार्थी उत्साह और उमंग के साथ विद्यालय पहुंच रहे हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा स्कूली वाहनों की विशेष जांच अभियान चलाया गया।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में जिला परिवहन अधिकारी धमतरी द्वारा परिवहन उड़नदस्ता एवं यातायात पुलिस की संयुक्त टीम के साथ नगरी रोड स्थित भोयना के नवीन परिवहन कार्यालय परिसर में विशेष जांच अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम भी उपस्थित रही।
अभियान के तहत शैक्षणिक संस्थानों एवं लीज अनुबंध के माध्यम से संचालित स्कूल बसों के फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की गई। निर्धारित निरीक्षण तिथि पर कुल 34 स्कूली वाहनों का परीक्षण किया गया।
जांच के दौरान 14 वाहनों में विभिन्न प्रकार की तकनीकी एवं सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं। इनमें रिफ्लेक्टर का अभाव, नंबर प्लेट का स्पष्ट नहीं होना, पार्किंग लाइट, इंडिकेटर, वाइपर तथा अन्य लाइटों का खराब होना प्रमुख रहा। इन कमियों के कारण संबंधित वाहन संचालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 12 हजार रुपये का समझौता शुल्क वसूल किया गया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बस चालकों एवं परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। साथ ही वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, रॉन्ग साइड वाहन नहीं चलाने, शराब सेवन कर वाहन संचालन से बचने तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए स्कूली वाहनों की नियमित जांच, निगरानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी, ताकि अभिभावक अपने बच्चों को सुरक्षित वातावरण में विद्यालय भेज सकें।



