जिला जेल दंतेवाड़ा में स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित
Health check-up and counselling camp organised in District Jail Dantewada
76 बंदियों की हुई मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग
ब्रेन हेल्थ क्लिनिक और जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मिला निःशुल्क परामर्श
तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर दिया गया मार्गदर्शन
रायपुर, 16 जून 2026

कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके के मार्गदर्शन में जिला जेल दंतेवाड़ा में एक दिवसीय ब्रेन हेल्थ क्लिनिक एवं मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा संचालित ब्रेन हेल्थ क्लिनिक तथा जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया।

76 बंदियों की हुई स्वास्थ्य जांच
शिविर के दौरान कुल 76 बंदियों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जांच एवं स्क्रीनिंग की गई। जांच के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की पहचान कर आवश्यक परामर्श और उपचार संबंधी सुझाव दिए गए। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित यह पहल मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विशेषज्ञों ने किया स्वास्थ्य मूल्यांकन
जांच के दौरान 20 से अधिक बंदियों में नींद संबंधी समस्याएं पाई गईं, जबकि एक बंदी में गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या के लक्षण चिन्हित किए गए। इसके अलावा 53 बंदियों को सामान्य स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया।
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक
मानसिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देश दीपक ने बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य और ब्रेन हेल्थ के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य की तरह ही महत्वपूर्ण है और समय पर पहचान एवं उपचार से कई समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है।
जिला चिकित्सालय में उपलब्ध हैं निःशुल्क सेवाएं
शिविर में बंदियों को बताया गया कि जिला चिकित्सालय में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए निःशुल्क परामर्श एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच, नशामुक्त जीवनशैली और मानसिक संतुलन बनाए रखने के उपायों की जानकारी भी दी गई।
पुनर्वास और समग्र स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य की नियमित जांच, समय पर उपचार और उनके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। इस प्रकार की पहलें बंदियों के पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में उनकी सकारात्मक वापसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर मनोवैज्ञानिक श्री शुभम उइके, जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रतिनिधि श्री सूरज बघेल सहित जिला जेल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर बल दिया।



