अटल बिहारी वाजपेयी विवि में सेवा और विचार का संगम

Atal Bihari Vajpayee University is a confluence of service and thought.

अटल बिहारी वाजपेयी विवि में सेवा और विचार का संगम

NSS के साथ हुआ विशेष आयोजन

बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में मंगलवार को सेवा, सामाजिक सरोकार और अकादमिक विमर्श का अनूठा संगम देखने को मिला। वाणिज्य एवं वित्तीय अध्ययन विभाग ने राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सहयोग से ‘समाज के लिए छात्र’ योजना के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें विद्यार्थियों ने सेवा और विचार दोनों स्तरों पर सक्रिय भागीदारी निभाई।

मंदिर परिसर में स्वच्छता और सेवा कार्य

चैत्र नवरात्रि के अवसर पर छात्रों ने माँ महामाया मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान पॉलीथिन और कचरा हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। साथ ही जरूरतमंद लोगों को वस्त्र और मिष्ठान वितरित कर सेवा भाव का परिचय दिया गया।

राष्ट्रीय संगोष्ठी में आर्थिक मुद्दों पर मंथन
कार्यक्रम के तहत ‘भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रीय विकास मॉडल’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी भी आयोजित की गई। विभागाध्यक्ष प्रो. अतुल दुबे ने प्रस्तावना रखते हुए क्षेत्रीय विकास की जरूरत पर जोर दिया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. अंग्रेश सिंह राणा ने क्लस्टर आधारित विकास मॉडल की बात कही, जबकि मुख्य वक्ता प्रो. यशवंत कुमार ने छत्तीसगढ़ के लिए विकेंद्रीकृत विकास मॉडल को जरूरी बताया। मुख्य अतिथि रघुराज किशोर तिवारी ने राज्य-विशिष्ट विकास को देश की प्रगति से जोड़ा।

कुलपति का संदेश

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति आचार्य अरुण दिवाकरनाथ वाजपेयी ने कहा कि विकास की असली नींव जमीनी अर्थव्यवस्था में होती है और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य के लिए अलग विकास मॉडल जरूरी है।

कार्यक्रम में कुलसचिव नेहा राठिया सहित कई प्राध्यापक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव और जिम्मेदारी का भी मजबूत माध्यम हैं।