रायपुर : प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से मिला सम्मानजनक जीवन, पहाड़ी कोरवा परिवार का सपना हुआ साकार

Raipur: Pradhan Mantri Janman Awas Yojana provides a respectable life, the dream of the Pahari Korwa family comes true

रायपुर : प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से मिला सम्मानजनक जीवन, पहाड़ी कोरवा परिवार का सपना हुआ साकार

रायपुर, 03 नवम्बर 2025 विकास की मुख्यधारा से विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों को जोड़ने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब सुदूर वनांचलों तक पहुँच रहा है। सरगुजा जिले के आकांक्षी ब्लॉक लखनपुर की ग्राम पंचायत लोसगी निवासी श्रीमती बिसुन कोरवा (बिहानू कोरवा), जो विशेष पिछड़ी जनजाति “पहाड़ी कोरवा” समुदाय से हैं, उनका का जीवन प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से बदल गया है।

श्रीमती बिसुन कोरवा ने बताया कि उनका परिवार अत्यंत गरीब है और आजीविका का मुख्य साधन खेती एवं मजदूरी पर निर्भर रहा है। कृषि योग्य भूमि के अभाव में उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी, और परिवार एक छोटे से कच्चे झोपड़ीनुमा मकान में निवास करता था। पक्के घर में रहने का सपना उनके लिए दूर की बात थी। वर्ष 2024-25 में उन्हें प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत हुआ। किस्तों में मिली आवास राशि से उन्होंने अपना सपनों का पक्का घर तैयार किया। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि उनके परिवार की इज्जत और सुरक्षा की नई दीवार है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ सरकार की अन्य योजनाओं ने भी उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। उन्हें स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय प्राप्त हुआ, जिससे परिवार में स्वच्छता और स्वास्थ्य में सुधार हुआ। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मिले एलपीजी गैस कनेक्शन ने रसोई को धुएँ से मुक्त और सुरक्षित बना दिया। वहीं, बिजली कनेक्शन से उनके घर की रातें रोशन हो गईं और जीवन सहज हो गया।

श्रीमती बिसुन कोरवा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज हमारा पक्का मकान बन चुका है। हम जंगलों के बीच सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। इन योजनाओं ने हमारे परिवार को नई आशा, आत्मनिर्भरता और सम्मान दिया है। इसके लिए उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

सरकार की इन योजनाओं ने न केवल पहाड़ी कोरवा जनजाति जैसे विशेष रूप से पिछड़े परिवारों के जीवन में उजाला फैलाया है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान की नई भावना भी जगाई है।