मानसून सत्र के चौथे दिन भी विपक्ष का संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन
Opposition protests outside Parliament on the fourth day of the monsoon session
नई दिल्ली। मानसून सत्र के चौथा दिन की शुरुआत निचले सदन में भारी हंगामे के साथ हुई है। विपक्ष के सदस्य बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विषय पर चर्चा के लिए अड़ गए। परिणामस्वरूप, लोकसभा की कार्यवाही लगातार बाधित रही। संसद में विपक्ष के हंगामे के कारण गुरुवार को प्रश्नकाल नहीं चल सका। स्पीकर ओम बिरला की तरफ से विपक्ष के सदस्यों को समझाने की कोशिश की गई। हंगामा बरकरार रहने पर लोकसभा स्पीकर ने कार्यवाही को स्थगित कर दिया।
सदन की कार्यवाही स्थगित होने पर विपक्षी दलों के सदस्यों ने संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। बैनर-पोस्टर लेकर विपक्षी दलों के सदस्य संसद परिसर के मकर द्वार पर एकजुट हुए और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान एसआईआर मुद्दे पर नारेबाजी की गई।सोनिया गांधी भी इसमें शामिल हुईं।वहीं प्रियंका गांधी ने खतरे में लोकतंत्र लिखा पोस्टर लहराया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, जब भी विपक्षी नेता बोलना चाहते हैं, उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। हम चर्चा की मांग कर रहे हैं। SIR मुद्दे पर कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, हमारा मानना है कि अभी लड़ाई चल रही है और ये लड़ाई जारी रखनी चाहिए। कल तो चुनाव है नहीं तो हमें लगता है कि निश्चित रूप से चुनाव आयोग सच्चाई को स्वीकार करेगा और लोगों को मतदान करने से वंचित नहीं किया जाएगा...इसलिए अभी ये आंदोलन चलेगा।
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा, यह बहुत गंभीर मुद्दा है...चुनाव आयोग केवल भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम कर रहा है। यह अब चुनाव आयोग नहीं रहा बल्कि भाजपा का पार्टी कार्यालय बन गया है RJD सांसद मनोज झा ने कहा, अगर हमारा चुनाव आयोग का व्यवहार बांग्लादेश चुनाव आयोग की तरह होगा तो दलों और नागरिकों के पास कोई विकल्प नहीं रहेगा....एक भी वो विदेशी वोटर का नाम बता दें अगर ये सरकार के इरादे पर बिहारियों को बेदखल करनी की योजना बना रहे हैं तो ये आग से खेल रहे हैं।






