पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 25 वर्षीय मालतीबाई अहिरवार ने अपने मायके गुंजारी गांव में खेत पर बनी टपरिया में रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगाई। उससकी शादी करीब पांच साल पहले नसीरपुर गांव के विनोद पुत्र जगवीर सिंह से हुई थी। चार वर्ष से महिला अपने मायके में रह रही थी।
घटना के वक्त घर पर कोई नहीं था। पिता जमनालाल मजदूरी के लिए ब्यावरा गए थे। मां खेत पर थी। जब वह वापस लौटी तो मालती को फंदे पर लटका देख उसके होश उड़ गए। रात नौ बजे पुलिस को घटना की सूचना मिली। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची और एक टीम अस्पताल आई। यहां महिला को अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर पीएम कराने कहा।
पिता बोले- पति लेने नहीं आ रहा था
मालती के पिता जमनालाल ने बताया उनकी बेटी मालतीबाई अहिरवार की शादी पांच साल पहले नसीरपुर गांव में की थी। चार साल से बेटी मायके में रह रही थी, पति लेने नहीं आ रहा था। महिला बाल विकास विभाग सहित न्यायालय में प्रकरण चल रहा है। कई पंचनामा भी बनवाए। सरपंच ने भी जमाई के लिए लिखकर दे दिया था मालती के नाम रकम, जमीन कर दो और उसे ले जाओ। तब भी विनोद लेने नहीं आया।
वीडियो में झलका दर्द
आत्महत्या से पहले मालती ने एक वीडियो बनाकर वायरल किया, जिसमें कहा जिस महिला को उसका पति नहीं रखता, इज्जत नहीं करता उसकी कोई भी इज्जत नहीं करता। सभी बहुत गंदी निगाह से देखते हैं। दुनियावाले, घर वाले उस महिला को इतनी बदकिरदार बना देते हैं कि वह खुदकुशी को मजबूर हो जाती है। आज मैं आत्महत्या कर रही हूं, इसका कारण सिर्फ मेरा पति है।
मेरा पति मुझे रखता तो मायके वाले, ससुराल वालों की निगाह में इज्जत होती। पति ने दहेज के लिए परेशान किया। मेरे पति ने मेरे साथ अच्छा नहीं किया। मेरा पति इज्जत, मान-सम्मान देता तो घरवाले, दुनिया वाले भी देते। ससुराल वालों ने भी अच्छा नहीं किया।
मेरे पति ने मेरे से शादी कर मेरी जिंदगी बर्बाद की। मारापीटा अच्छा व्यवहार नहीं किया। रात को खाना खाते में भी नहीं बोला। ससुर ने गाली दी, दरवाजे पर खड़े हो जाते थे, खाना बनाते में घर में आ जाते थे। सास ने घर में ताला लगा दिया। सास ने दहेज में चेन, ताबीज मांगा। पति गाड़ी मांगता था।
महिला पति से करीब चार वर्ष से अलग रह रही थी। पति से भरण-पोषण के लिए न्यायालय में प्रकरण चल रहा था। शव का पीएम कराया है।