युगांडा की संसद में माधव स्वामी का अभिनंदन
Madhava Swami felicitated in Uganda's Parliament
नई दिल्ली। माधव स्वामी अपनी सनातन संस्कृति और हिंदू जीवनशैली को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए निरंतर यात्रा करते हैं। इसी क्रम में वे अफ्रीकी महाद्वीप की यात्रा पर युगांडा पहुंचे। यह यात्रा भारत और अफ्रीका के देशों के बीच आध्यात्मिकता, शिक्षा और संस्कृति का नया सात्विक सेतु निर्मित करेगी।
युगांडा में बड़ी संख्या में गुजराती समुदाय निवास करता है। युगांडा की संसद में उपसभापति डॉ. थॉमस तैयेब्वा के विशेष निमंत्रण पर राजधानी कंपाला पहुंचे माधव स्वामी का स्वागत खुद उपसभापति डॉ. थॉमस समेत अन्य सांसदों ने किया। हार्दिक स्वागत के बाद उन्हें सम्मानित भी किया गया।
युगांडा के सांसदों और सरकार के प्रतिनिधि उपसभापति महोदय के साथ माधव स्वामी ने इस विषय पर गहन चिंतन और चर्चा की कि गुरुकुल शिक्षा पद्धति के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को किस प्रकार और अधिक स्वाभिमानी, सशक्त और संस्कारी बनाकर समृद्ध राष्ट्र के निर्माण के लिए तैयार किया जा सकता है। उपसभापति ने माधव स्वामी को युगांडा संसद भवन का भ्रमण कराया तथा उसकी विशेषताओं से अवगत कराया।
यह ऐतिहासिक यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भगवान श्री स्वामीनारायण द्वारा लिखी गई सर्वजीव हितावह शिक्षापत्री के दो सौ वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। यह रचना समाज में मानवता के मूल्यों का बीज बोने वाली है। राजसत्ता और धर्मसत्ता की यह भेंट भारत और अफ्रीका के देशों के बीच आध्यात्मिकता, शिक्षा और संस्कृति का एक नया सात्विक सेतु स्थापित करेगी।






