जन्माष्टमी के सुअवसर पर सहमत साहित्य सदन का वैदिक सनातन रीति से हुआ शुभारम्भ
On the auspicious occasion of Janmashtami, Sahamat Sahitya Sadan was inaugurated in Vedic Sanatan tradition
बालाघाट। विश्व के प्रथम कवि, अद्वितीय प्रेरक, कुशल नीतिकार के जन्मोत्सव श्री कृष्ण जन्माष्टमी के सुअवसर पर सहमत साहित्य सदन का सनातन वैदिक रीति द्वारा नगर की प्रथम नागरिक विदुषी नगरपालिका, सुसाहित्यकार अध्यक्षा श्रीमती भारती ठाकुर, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सहमत के संरक्षक समाजसेवी साहित्यप्रेमी पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रमेश रंगलानी, प्रख्यात शिक्षाविद समाजसेवी एवं राष्ट्रीय विचार मंच अध्यक्षा श्रीमती लता एलकर, सनातन सभा के महासचिव चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष साहित्यप्रेमी अभय सेठिया, सहमत के अध्यक्ष एवम हिन्दी साहित्य भारती के प्रदेश अध्यक्ष प्रसिद्ध कवि राजेन्द्र शुक्ल सहज, वैश्य महासभा की संभागीय अध्यक्षा (महिला प्रकोष्ठ) ब्रांड अम्बेसडर नगर पालिका स्वक्षता अभियान श्रीमती अर्चना गुप्ता, वात्सल्य संस्था की अध्यक्षा समाजसेविका श्रीमती मीना चावड़ा, सहमत के साहित्यिक संरक्षक मार्गदर्शक डॉ राम कुमार रामारिया जी की उपस्थिति में स्थानीय पुत्री शाला परिसर में भव्य शुभारम्भ किया गया। सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा भवन द्वार का फीता खींचकर उद्घाटन करने के उपरांत वीणापाणी माँ सरस्वती सहित, प्रथमपूज्य श्री गणेश एवं अखिल ब्रह्माण्ड नायक भगवान श्री कृष्ण के साथ माँ भारती का पूजन किया गया। इसी के साथ भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री कवि ह्रदय अटलजी, पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रसिद्ध कवयित्री स्व. सुभद्रा कुमारी चौहान, भारतीय नारी अस्मिता की प्रतीक रानी अवन्ति बाई के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्का स्मरण किया गया।
इस अवसर पर हिन्दी साहित्य भारती के जिला अध्यक्ष अशोक सागर मिश्र, सहमत महामंत्री अमर सिंह ठाकुर, हिन्दी साहित्य भारती प्रांताध्यक्ष प्रणय श्रीवास्तव, सहमत कोषाध्यक्ष सुनील दीपानी, सहमत के सम्माननीय सदस्य गण डॉ सतीश चिले, संजय श्रीवास्तव, साहेबलाल दशरिये सरल, मोहन आचार्य, तुमेश पटले, किशोर छिपेश्वर, सहमत जन संचार प्रभारी श्रीमती शालू गाँधी, सुश्री सविता अग्निहोत्री, डॉ प्रिया शर्मा, अजय गुप्ता, राजकुमार जैन, जनसंचार सह प्रभारी चंद्रशेखर डोंगरे, त्रिलोक दुबे, उपस्थित रहे। इस दिव्य भव्य अनुष्ठान को सस्वर वैदिक मंत्रोच्चार कर अपने मुखारविन्द से आचार्य कमलेश तिवारी ने सम्पन्न किया।
आशय की जानकारी देते सहमत मीडिया प्रभारी हेमेंद्र क्षीरसागर ने बताया कि, यह अवसर इसलिये भी अविस्मरणीय रहेगा क्योंकि इसी दिन भारत के प्रधानमंत्री कवि ह्रदय भारत रत्न अटलबिहारी वाजपेयी की पुण्य तिथि के साथ साथ महान कवयित्री स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी सुभद्रा कुमारी चौहान के साथ साथ रानी अवन्तिबाई तथा कर्मयोगी कुशभाऊ ठाकरे की जयंती भी थी।






