गौरव वल्लभ बने प्रधानमंत्री मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य

Gaurav Vallabh became a member of Prime Minister Modi's Economic Advisory Council

गौरव वल्लभ बने प्रधानमंत्री मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य

उदयपुर। उदयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले और करीब 30,000 वोटों से हार का सामना करने वाले प्रोफेसर गौरव वल्लभ को अब केंद्र सरकार की एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रो. वल्लभ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया है। यह परिषद देश के आर्थिक भविष्य को दिशा देने वाली सर्वोच्च सलाहकार संस्था मानी जाती है। उदयपुर से चुनाव हारने के कुछ समय बाद प्रो. गौरव वल्लभ ने बीजेपी ज्वाइन कर ली थी। प्रो. गौरव वल्लभ उदयपुर के दामाद हैं और उनके ससुर अखिलेश जोशी हिंदुस्तान जिंक में सीईओ थे।

प्रधानमंत्री को आर्थिक मामलों में सुझाव देने वाली इस परिषद के चेयरपर्सन जाने-माने अर्थशास्त्री एस. महेंद्र देव हैं। गौरव वल्लभ को बतौर अर्थशास्त्री और वित्त विशेषज्ञ इस उच्चस्तरीय टीम में शामिल किया गया है। उनकी नियुक्ति को सरकार ने आर्थिक नीति-निर्धारण में विविध दृष्टिकोण को समाहित करने की दिशा में एक अहम कदम बताया है।

प्रो. गौरव वल्लभ देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में वित्त और अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रह चुके हैं। उन्होंने कॉरपोरेट फाइनेंस, मैक्रोइकॉनॉमिक्स और सार्वजनिक वित्त जैसे विषयों में शोध और अध्यापन किया है। उनके 100 से अधिक शोध लेख दुनिया के प्रमुख अकादमिक जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर एक गंभीर और प्रभावशाली विद्वान के रूप में पहचान मिली है।

हालांकि वे कांग्रेस पार्टी के सक्रिय प्रवक्ता भी रहे हैं और टीवी डिबेट्स में अपनी स्पष्ट आर्थिक समझ के लिए जाने जाते हैं, पर बीजेपी ज्वाइन करने के बाद वे बीजेपी के प्रवक्ता बन गए। अब उन्हें तोहफे में यह पद मिला है। EAC-PM का दायित्व नीति निर्माण में सरकार को व्यावहारिक और तथ्य आधारित मार्गदर्शन देना होता है।

उदयपुर में पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे वल्लभ को भाजपा उम्मीदवार से करारी हार मिली थी। अब भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने को कई राजनीतिक जानकार "राजनीतिक विचारधारा से इतर प्रतिभा को प्राथमिकता" देने की मिसाल मान रहे हैं।

प्रो. वल्लभ की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत कई गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है — जैसे मुद्रास्फीति, रोजगार सृजन, वैश्विक निवेश आकर्षण, और कृषि सुधार। उनकी विशेषज्ञता खासतौर पर सार्वजनिक वित्त और नीति निर्धारण के क्षेत्रों में सरकार की मदद कर सकती है।

इस नियुक्ति के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस के एक पूर्व प्रवक्ता के रूप में विख्यात गौरव वल्लभ किस तरह से नरेंद्र मोदी की आर्थिक टीम में योगदान देंगे और किस हद तक देश की आर्थिक दिशा और दृष्टि को प्रभावित कर सकेंगे।