धान खरीदी की व्यवस्था से प्रसन्न है पाररास धान खरीदी केन्द्र के कृषक
Farmers of Pararas Paddy Procurement Centre are happy with the arrangement of paddy procurement
धान बिक्री कर लखपति दीदी बनी महिला कृषक चंद्रिका बाई व मीना बाई
बालोद। राज्य शासन के मंशानुरूप बालोद जिला प्रशासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत धान खरीदी केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कर आसानी से किसानों के धान की खरीदी करने हेतु जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों में की गई बेहतर व्यवस्था से बालोद जिले के कृषकों ने सराहना की है। इसके अंतर्गत जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम पाररास के धान खरीदी केन्द्र में किसानों की धान की सुगमता से खरीदी हेतु की गई चाक-चैबंद व्यवस्था से पाररास धान खरीदी केन्द्र के कृषक बहुत ही प्रसन्नचित है।
उल्लेखनीय है कि पाररास धान खरीदी केन्द्र में आसानी से धान खरीदी करने की व्यवस्था के अलावा किसानों के लिए बैठक, पेयजल, शौचालय आदि व्यवस्था के अलावा धान खरीदी के धान की अवैध बिक्री के अलावा सीसीटीवी कैमरा, बायोमेट्रिक मशीन, इलेक्ट्राॅनिक तराजू आदि सभी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। धान खरीदी केन्द्र में इन सभी व्यवस्थाओं की उपलब्धता से किसान निश्चिंत होकर समय पर अपनी धान की बिक्री कर रहे है। इसके साथ ही धान खरीदी केन्द्रों में की गई चाक-चैबंद व्यवस्था के अलावा राज्य शासन के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने का महत्वाकांक्षी योजना महिला कृषकों को रातोरात लखपति दीदी बनाने का भी कारगर योजना साबित हो रहा है। इस योजना के फलस्वरूप जिले के पाररास धान खरीदी केन्द्र के दो महिला कृषक चन्द्रिका बाई एवं मीना बाई के खातों में धान खरीदी के 72 घण्टे के उपरांत 03 लाख की अधिक की राशि जमा होने से ये महिला कृषक लखपति दीदी बन गई है।
राज्य शासन की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना की जिले के बालोद विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र पाररास के अंतर्गत ग्राम रेवती नवागांव की महिला कृषक चन्द्रिका बाई ने मुक्तकंठ से सराहना की है। चन्द्रिका बाई ने बताया कि उन्होंने धान बिक्री हेतु टोकन कटने की निर्धारित तिथि 20 नवंबर को धान खरीदी केन्द्र पाररास में पहुँचकर कुल 160 क्विंटल 20 किलोग्राम मोटा धान की बिक्री की। धान खरीदी के कार्य में लगे कर्मचारियों के मदद एवं धान खरीदी केन्द्र में उपलब्ध सुविधाओं के कारण उन्हें अपने धान की बिक्री करने में किसी प्रकार की कठिनाई नही हुई। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी खुशी की बात यह रही कि धान की बिक्री करने के 72 घण्टे बाद उनके खाते में कुल 03 लाख 70 हजार 760 रुपए की राशि जमा हो गई।
चन्द्रिका बाई ने कहा कि इतने कम समय में धान बिक्री की राशि जमा होने से खुशी का कोई ठिकाना नही रहा। इससे वे एवं उनके परिवार बहुत ही प्रसन्नचित है। इसी तरह राज्य शासन की इस योजना की सराहना ग्राम पाररास की महिला कृषक मीना बाई ने भी की है। उन्हांेने कहा कि अपने धान की बिक्री के 72 घण्टा के पश्चात् उनके खाते में साढे 03 लाख से भी अधिक की राशि जमा होना उनके लिए सपने जैसा था। मीना बाई ने बताया कि उन्होंने धान बिक्री के लिए टोकन कटने की तिथि 19 नवंबर को पाररास धान खरीदी केन्द्र में पहुँचकर कुल 132 क्ंिवटल पतला धान की बिक्री कर सकुशल अपने घर लौट गए हैं। शासन के द्वारा की गई बेहतर व्यवस्था के फलस्वरूप धान बिक्री के मात्र 72 घण्टे के पश्चात ही उनके खाते में 03 लाख 266 रुपए राशि की बड़ी राशि जमा हो गई। इतनी बड़ी राशि बहुत ही कम समय में उनके खाते में जमा होने से उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। पाररास धान खरीदी केन्द्र के इन दोनों महिला कृषकों ने राज्य शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना की भूरी-भूरी सराहना करते हुए इस योजना को किसान पुत्र मुख्यमंत्री द्वारा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रारंभ किए गए अत्यंत कारगर योजना बताया।
उन्होंने कहा कि राज्य के किसान पुत्र एवं संवेदनशील मुख्यमंत्री के द्वारा हम किसानों के वास्तविक जरूरतों को समझते हुए हमारे मेहनतों का सम्मान करते हुए 3100 रुपए प्रति विंवटल की दर से जो धान खरीदी का निर्णय लिया गया है उसकी जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। इसके लिए इन दोनों महिला कृषकों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया है।






