निष्क्रिय खातों में फंसी जमा राशियों को मिलेगा तत्काल हक

Deposits stuck in inactive accounts will get immediate rights

निष्क्रिय खातों में फंसी जमा राशियों को मिलेगा तत्काल हक

मनेंद्रगढ़ के जनपद पंचायत की सभाकक्ष में 12 दिसंबर को लगेगा डीईएएफ क्लेम सेटलमेंट कैंप

एमसीबी/09 दिसंबर 2025

वर्षों से निष्क्रिय पड़े बैंक खातों, अनक्लेम्ड जमा और लंबित क्लेम राशि को उनके वास्तविक हकदारों तक पहुंचाने के लिए अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि वित्तीय सेवा विभाग भारत सरकार के दिशा-निर्देश पर एलडीएम सेल द्वारा 12 दिसंबर 2025 को जनपद पंचायत के सभाकक्ष में विशेष डीईएएफ क्लेम सेटलमेंट कैंप आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर उन सभी खाताधारकों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर की तरह उभर रहा है जिनकी मेहनत की कमाई बैंकिंग तकनीकी प्रक्रियाओं या अनजाने कारणों से वर्षों से अटकी हुई है।
इस एक दिवसीय विशेष कैंप में निष्क्रिय खातों का पुनर्सक्रियण, भूली-बिसरी जमा राशि का निपटान, दावा आवेदन का सत्यापन और लंबित क्लेम का मौके पर त्वरित समाधान एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराया जाएगा। डीईएएफ फंड के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली में अटकी पूंजी को नागरिकों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है, और यह कैंप आर्थिक सशक्तिकरण को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
एलडीएम सेल ने सभी बैंक ग्राहकों, आमजनों, सामाजिक प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस कैंप में अधिकाधिक संख्या में पहुंचे और अपनी जमा राशि पर अपने अधिकार को सुनिश्चित करें। कैंप सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होगा। ताकि दावा निपटारा उसी दिन पूरा हो सके, लाभार्थियों को पासबुक, पहचान पत्र तथा संबंधित दस्तावेज साथ लाने की सलाह दी गई है।
इस कैंप के आयोजन से नागरिकों को सिर्फ उनकी आर्थिक पूंजी का संरक्षण नहीं मिलेगा, बल्कि वित्तीय साक्षरता को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे भविष्य में बैंकिंग प्रणाली के प्रति जागरूकता और विश्वास और अधिक मजबूत होगा। प्रशासन का मानना है कि यह पहल समाज में आर्थिक जागरूकता और आत्मनिर्भरता के नए मार्ग खोलेगी।
अधिक जानकारी, आवश्यक दिशा-निर्देश या दस्तावेजों के बारे में सहायता के लिए इच्छुक लाभार्थी अपने निकटतम बैंक शाखा से संपर्क कर सकते हैं। जनपद पंचायत सभाकक्ष में लगने वाला यह डीईएएफ क्लेम सेटलमेंट कैंप निश्चित रूप से उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनेगा, जो वर्षों से अपनी जमा राशि को लेकर समाधान की प्रतीक्षा कर रहे थे।