छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष ने ली अधिकरियों की समीक्षा बैठक
Chairman of Chhattisgarh State Scheduled Tribe Commission held a review meeting of officials.
वन अधिकार, एट्रोसिटी एक्ट एवं आदिवासी विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की
गरियाबंद। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन अधिकार अधिनियम, एट्रोसिटी एक्ट, आदिवासी विकास योजनाओं तथा श्रम विभाग की संचालित योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान कलेक्टर बीएस उइके मौजूद थे। अध्यक्ष मण्डावी ने वन विभाग से विकासखंडवार वनभूमि पट्टा हेतु प्राप्त आवेदनों, निरस्त प्रकरणों और अब तक प्रदत्त पट्टों की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों के लंबित प्रकरणों को शीघ्रता से निपटाया जाए तथा जिन आवेदनों को अनुचित रूप से निरस्त किया गया है उनकी पुनः जांच की जाए। उन्होंने कहा कि वन अधिकार अधिनियम जनजातीय समाज के ऐतिहासिक अधिकारों की पुनर्स्थापना का माध्यम है, इसलिए इसके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बैठक में वर्ष 2024-25 के दौरान पुलिस विभाग द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों पर एट्रोसिटी एक्ट के तहत की गई कार्रवाई की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कहा कि सभी शिकायतों पर त्वरित एफआईआर, निष्पक्ष जांच और निर्धारित समय सीमा में पीड़ितों को राहत राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में विलंब जनविश्वास को प्रभावित करता है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
आदिवासी विकास विभाग की योजनाओं, देवगुड़ी निर्माण, आदिवासी सांस्कृतिक दलों को सहायता, नेशनल डांस फेस्टिवल सहयोग, शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति योजना, रोजगार, राशन कार्ड वितरण तथा प्रधानमंत्री जनमन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मण्डावी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के सभी भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति के संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए तथा रोज़गार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाया जाए। श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं को भी पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाया जाए। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य सहायता, मातृत्व सहायता, उपकरण वितरण एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर दिया जाए तथा जहां पंजीकरण कम है वहां विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक श्रमिकों को जोड़ने पर बल दिया़। बैठक के अंत में अध्यक्ष मंडावी ने सभी विभागों को मासिक प्रगति रिपोर्ट आयोग को नियमित रूप से भेजने, मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ाने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने खाद्य, क्रेड़ा, उद्यानिकी, आश्रम छात्रावास, स्वरोजगार के संबंध में जानकारी ली। इस अवसर पर अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, नवीन भगत सहित संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।






