अकलासरई बना जल संरक्षण का मॉडल, ’’पांच प्रतिशत’’ योजना से खेतों में पानी का संचित भविष्य

Aklasarai becomes a model of water conservation, “five percent” plan ensures future of water conservation in fields

अकलासरई बना जल संरक्षण का मॉडल, ’’पांच प्रतिशत’’ योजना से खेतों में पानी का संचित भविष्य

कोरिया। छत्तीसगढ़ सरकार के जल संरक्षण महाभियान ’’मोर गांव मोर पानी’’ के तहत कोरिया जिले में शुरू किए गए ’’आवा पानी झोंकी’’ अभियान ने ग्रामीणों के सहयोग से नया आयाम हासिल कर लिया है। इस जनअभियान के तहत ग्राम पंचायत अकलासरई जल संरक्षण का प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है, जहां किसान पांच परसेंट मॉडल को अपनाकर अपने खेतों में जल संचयन के लिए गड्ढे बना रहे हैं।

विगत दिनों समाधान शिविरों में  छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री व जिला प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम, बैकुण्ठपुर विधायक भइयालाल राजवाड़े, भरतपुर-सोनहत विधानसभा के विधायक रेणुका सिंह और अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए ग्रामीणों से जुड़ने का आग्रह किया।

जिले की कलेक्टर चंदन त्रिपाठी की पहल पर मई माह के प्रथम सप्ताह में डोहड़ा और पोटेडांड़ पंचायतों से आरंभ हुआ यह अभियान जनपद पंचायत सोनहत की अकलासरई पंचायत में एक उदाहरण बन गया है। यहां अब तक 25 एकड़ से अधिक भूमि पर जल संचयन हेतु खेतों के निचले किनारे पर गड्ढों की खुदाई की जा चुकी है।

क्या है पांच परसेंट मॉडल?  : 

जल संरक्षण की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक नई अभिनव पहल की है। ’’आवा पानी झोंकी अभियान’’ के तहत किसानों को खेती में 5 प्रतिशत मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस मॉडल के तहत खेत की 5 प्रतिशत भूमि में सीढ़ीनुमा गड्ढा बनाकर वर्षा जल को संरक्षित किया जाएगा, जिससे भूजल स्तर बढ़ेगा और फसल की उत्पादकता में वृद्धि होगी।

’’आवा पानी झोंकी’’ अभियान को जन आंदोलन में बदलने के लिए जिला प्रशासन द्वारा दीवार लेखन, मुनादी, नुक्कड़ नाटक और जनचेतना कार्यक्रमों जैसी गतिविधियां संचालित की गई है। सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविरों में जलदान कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसे व्यापक समर्थन मिल रहा है।