कलेक्टर जनदर्शन में किया आवेदन, अभय की परीक्षा फीस हुई आधी
Abhay applied in the collector's public hearing, his exam fee was halved
कलेक्टोरेट स्थित जनदर्शन कक्ष में सप्ताह के पांचों दिन सुनी जाती है समस्याएं
रायपुर। रायपुर के शासकीय छात्रावास में रहने वाले अभय प्रताप सिंह जांगड़े आज भविष्य के प्रति नई उम्मीदों से भरे हुए हैं। निजी नर्सिंग कॉलेज के चौथे सेमेस्टर में पढ़ाई कर रहे अभय को जब यह खबर मिली कि उनकी परीक्षा फीस में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यह सिर्फ एक आर्थिक सहायता नहीं थी, बल्कि उनके सपनों को उड़ान देने वाली एक सुनहरी चाबी थी।
अभय एक साधारण परिवार से आते हैं। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने नर्सिंग जैसे जिम्मेदार पेशे को चुना, ताकि न केवल खुद का भविष्य बना सकें, बल्कि समाज और देश के लिए भी योगदान दे सकें। लेकिन परीक्षा फीस की राशि उनके लिए एक बाधा बन गई थी। ऐसे में उन्होंने रायपुर कलेक्टोरेट स्थित जनदर्शन कक्ष में आवेदन देकर अपनी समस्या रखी।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कॉलेज प्रबंधन से बात की, और नतीजा यह हुआ कि अभय को फीस में 50 प्रतिशत की छूट मिल गई। इस निर्णय ने अभय को फिर से आत्मविश्वास और प्रेरणा से भर दिया।
उत्साहित अभय ने कहा कि "अब मैं परीक्षा दे पाऊंगा और नर्सिंग के क्षेत्र में समाज की सेवा करूंगा।" उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते कहा कि ये सब प्रशासन की संवेदनशीलता के कारण ही संभव हो पाया।
जनदर्शन कक्ष, जो रायपुर कलेक्टोरेट में सप्ताह के पांचों दिन आम नागरिकों की समस्याएं सुनता है, एक ऐसी व्यवस्था बन चुका है जो वास्तव में लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के नेतृत्व में यह पहल आमजनों को राहत देने के लिए प्रारंभ की गई है। जिसमें प्रतिदिन एक नोडल अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाती है। यह जिला प्रशासन रायपुर की आमजनों के समस्याओं के समाधान की सशक्त पहल है।






