बंजी हाई स्कूल में बालिकाओं की मानसिक स्वास्थ्य हेतु चलाया गया विशेष जागरूकता कार्यक्रम
A special awareness program was conducted at Bunjee High School for the mental health of girls.
एमसीबी/10 अक्टूबर 2025 भारत सरकार की लोकप्रिय योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के अवसर पर ग्राम पंचायत बंजी की हाई स्कूल में बालिकाओं के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मिशन सशक्तिकरण मिशन शक्ति हब के द्वारा आयोजित किया गया और इसका संचालन जिला समन्वयक श्रीमती तारा कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजगता बढ़ाना, उनके आत्मविश्वास और मानसिक सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के महत्व के प्रति शिक्षित करना था।
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच, आत्म-सम्मान और आत्म-समर्पण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार और जिला कार्यक्रम अधिकारी राजकुमार खाती के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न इंटरैक्टिव सत्रों, खेल गतिविधियों और संवाद सत्रों में भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों और शिक्षकों ने बालिकाओं को यह समझाया कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही महत्वपूर्ण है और इसे समय पर समझकर और उचित देखभाल के माध्यम से जीवन में स्थिरता, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखी जा सकती है।
कार्यक्रम ने बालिकाओं में आत्मविश्वास और सशक्तिकरण को बढ़ाने के लिए माइंडफुलनेस और ध्यान सत्रों का आयोजन भी किया। विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में भाग लेकर न केवल मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को अनुभव किया, बल्कि अपने भीतर सकारात्मक सोच और आत्म-विश्वास का विकास भी किया। इस पहल ने यह संदेश भी स्पष्ट किया कि स्वस्थ मानसिकता वाली बालिका न केवल स्वयं सशक्त होती है, बल्कि अपने परिवार और समाज के विकास में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकती है। सरकार और प्रशासन की यह पहल बालिकाओं के समग्र विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर बालिका शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दृष्टि से पूर्ण रूप से सशक्त बनें और अपने जीवन में सफलता और खुशहाली प्राप्त कर सके। यह कार्यक्रम न केवल जागरूकता फैलाने का माध्यम बना, बल्कि बालिकाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के प्रति समाज में सकारात्मक संदेश भी पहुंचाया।






