छोटी सी चिंगारी से जल सकती थीं करोड़ों रुपये की 264 एसयूवी कारें

264 SUV cars worth crores of rupees could have been burnt due to a small spark

छोटी सी चिंगारी से जल सकती थीं करोड़ों रुपये की 264 एसयूवी कारें

खंडवा। मध्य रेलवे के भुसावल से 33 डिब्बों की डबल डेकर मालगाड़ी रूट परिवर्तन के कारण सीमावर्ती खंडवा स्टेशन तक पहुंच गई। यहां यार्ड में ओएचई की ऊंचाई कम होने से मालगाड़ी को आउटर पर रोकना पड़ा।

264 एसयूवी कारों के परिवहन के लिए कंपनी के नए माडल के डबल डेकर की रैक पहली बार इस रूट पर आई थी। इसे मेन लाइन से यार्ड में लेने पर रैक का पहला डिब्बा ओएचई लाइन को छूने से हड़कंप मच गया। यार्ड में ओएचई लाइन की मेन ट्रैक से करीब 50 सेटीमीटर ऊंचाई कम होने से बड़ा हादसा और करोड़ों का नुकसान हो सकता था।

18 स्टेशनों से होते हुए

रविवार को आंध्रप्रदेश के पेनुकोंडा से गुड़गांव के फारुखनगर जा रही डबल डेकर मालगाड़ी जलगांव-भुसावल रूट पर 18 स्टेशनों से होते हुए 147 किमी दौड़कर खंडवा पहुंच गई। मालगाड़ी में 264 एसयूवी कारें (कीमत करीब 66 करोड़ रुपये) लदी थीं। यह छह फरवरी को पेनुकोंडा से रवाना हुई थी।

सूत्रों के अनुसार इसे जलगांव से अमलनेर वाया गुजरात-राजस्थान होते हुए हरियाणा के फारुखनगर पहुंचना था। बताया जाता है कि इसे खंडवा रूट पर डाल दिया गया। यहां पहुंचने पर मेन लाइन से सीधे निकालने के बजाय यार्ड में लेने पर डिब्बे ओएचई लाइन को छूने पर इसे आउटर पर रोकना पड़ा।

खंडवा स्टेशन के होम सिग्नल से डाउन ट्रैक पर मालगाड़ी इटारसी की ओर जाना थी। यार्ड में पहले डिब्बे का ऊपरी हिस्सा खंभा नंबर-567/6ए के पास ओएचई से चिपकने लगा, जिससे बिजली आपूर्ति बंद हो गई। सूचना मिलने पर मौके पर टीआरडी की टीम पहुंची।

खंडवा यार्ड में ओएचई लाइन की ऊंचाई कम होने से मालगाड़ी को वापस भेजने का निर्णय लेकर वापस भुसावल रवाना कर दिया गया। रेलवे के अधिकारियों की गलती से मालगाड़ी खंडवा यार्ड में करीब पांच घंटे खड़ी रही। इस दौरान कोई भी यात्री ट्रेन प्रभावित या हादसे की स्थिति नहीं बनी।