सेंथिल बालाजी ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया

चेन्नई, 13 फरवरी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद कई महीनों तक बिना विभाग के मंत्री रहे वी. सेंथिल बालाजी ने एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। राजभवन की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्यपाल आर. एन. रवि ने इस संबंध में स्टालिन की सिफारिश स्वीकार कर ली है। राज्यपाल ने पहले बालाजी के मंत्रिमंडल में बने रहने का विरोध किया था। विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य मंत्रिमंडल से सेंथिल बालाजी के इस्तीफे को स्वीकार करने की सिफारिश से संबंधित मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के 12 फरवरी के एक पत्र के आधार पर राज्यपाल आर. एन. रवि ने इसे मंजूरी दे दी। करूर से द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता बालाजी को 14 जून, 2023 को ईडी ने नौकरी के बदले नकदी घोटाले में गिरफ्तार किया था। उस वक्त वह पूर्ववर्ती अखिल भारतीय अन्नाद्रमुक मुनेत्र कषगम (एआईएएडीएमके) के शासन में परिवहन मंत्री थे। वह फिलहाल पुझल जेल में बंद हैं। अब तक उनकी कई जमानत याचिकाएं अदालतों द्वारा खारिज कर दी गई हैं। पिछले साल गिरफ्तारी के दो दिन बाद बालाजी के पास मौजूद विभाग- बिजली, गैर-पारंपरिक ऊर्जा विकास और निषेध एवं आबकारी को स्टालिन के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में दूसरों को फिर से आवंटित कर दिया गया था। राज्यपाल रवि ने तब बालाजी को बिना विभाग के मंत्री बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि वह आपराधिक कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। बालाजी तमिलनाडु विधानसभा में करूर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।(भाषा)

सेंथिल बालाजी ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया
चेन्नई, 13 फरवरी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद कई महीनों तक बिना विभाग के मंत्री रहे वी. सेंथिल बालाजी ने एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। राजभवन की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्यपाल आर. एन. रवि ने इस संबंध में स्टालिन की सिफारिश स्वीकार कर ली है। राज्यपाल ने पहले बालाजी के मंत्रिमंडल में बने रहने का विरोध किया था। विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य मंत्रिमंडल से सेंथिल बालाजी के इस्तीफे को स्वीकार करने की सिफारिश से संबंधित मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के 12 फरवरी के एक पत्र के आधार पर राज्यपाल आर. एन. रवि ने इसे मंजूरी दे दी। करूर से द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता बालाजी को 14 जून, 2023 को ईडी ने नौकरी के बदले नकदी घोटाले में गिरफ्तार किया था। उस वक्त वह पूर्ववर्ती अखिल भारतीय अन्नाद्रमुक मुनेत्र कषगम (एआईएएडीएमके) के शासन में परिवहन मंत्री थे। वह फिलहाल पुझल जेल में बंद हैं। अब तक उनकी कई जमानत याचिकाएं अदालतों द्वारा खारिज कर दी गई हैं। पिछले साल गिरफ्तारी के दो दिन बाद बालाजी के पास मौजूद विभाग- बिजली, गैर-पारंपरिक ऊर्जा विकास और निषेध एवं आबकारी को स्टालिन के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में दूसरों को फिर से आवंटित कर दिया गया था। राज्यपाल रवि ने तब बालाजी को बिना विभाग के मंत्री बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि वह आपराधिक कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। बालाजी तमिलनाडु विधानसभा में करूर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।(भाषा)