सरकार ने पूर्वोत्तर के लिए हर क्षेत्र में अनेक संभावनाएं खोलने का काम किया: शाह

The government has worked to open many possibilities in every field for the Northeast: Shah

सरकार ने पूर्वोत्तर के लिए हर क्षेत्र में अनेक संभावनाएं खोलने का काम किया: शाह

नई दिल्ली । केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मोदी सरकार ने पर्यटन से तकनीक, खेल से अंतरिक्ष, कृषि से उद्यमिता और बैंकिंग से बिज़नेस तक हर क्षेत्र में पूर्वोत्तर के लिए अनेक संभावनाएं खोलने का काम किया है।

श्री शाह गुरुवार को यहां असम राइफल्स द्वारा आयोजित ‘एकता उत्सव एक आवाज एक राष्ट्र’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर असम राइफल्स के महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के लिए एकता शब्द बेहद महत्वपूर्ण है। आज़ादी के कई वर्षों तक इस इतने बड़े भूभाग की दिल्ली से फिज़िकल और दिल की दूरी बहुत बड़ी थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कनेक्टिविटी के माध्यम से पूर्वोत्तर और दिल्ली के बीच की फिज़िकल और दिलों की दूरी को समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा , आज नॉर्थ ईस्ट पूरे भारत का और पूरा भारत नॉर्थ ईस्ट का है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर के लिए सैकड़ों बजटीय प्रावधान बढ़ाए हैं और पूर्वोत्तर को 3-4 गुना ज्यादा बजट दिया है। उन्होंने कहा कि 2027 तक नॉर्थ ईस्ट के आठों राज्य रेल और हवाई कनेक्टिविटी के माध्यम से दिल्ली के साथ जुड़ जाएंगे।

गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्य देश को हर तरह से समृद्ध करने में सक्षम हैं। आर्थिक, सांस्कृतिक, सुरक्षा, खेल और अनुसंधान तथा विकास के क्षेत्र में पूर्वोत्तर के युवाओं के लिए अपार अवसर हैं। उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने पर्यटन से तकनीक, खेल से स्पेस, कृषि से उद्यमिता और बैंकिंग से बिज़नेस तक हर क्षेत्र में नॉर्थ ईस्ट के लिए अनेक संभावनाएं खोलने का काम किया है।

श्री शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर में 220 से अधिक जातीय समूह और 160 से अधिक जनजातियां रहती हैं। यहां 200 से अधिक बोलिया और भाषाएं बोली जाती हैं, 50 से अधिक अनोखे उत्सव मनाए जाते हैं और 30 से अधिक पारंपरिक नृत्य और 100 से अधिक व्यंजन इस क्षेत्र में आज भी अस्तित्व में हैं। उन्होंने कहा कि ये सब पूरे भारत के लिए बहुत बड़ी समृद्ध विरासत का खज़ाना है और पूरा देश इस विरासत पर गर्व करता है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के बिना भारत और भारत के बिना पूर्वोत्तर अधूरा है।