मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से श्रद्धा का सफर, मथुरा-वृन्दावन की पावन यात्रा कर सकुशल लौटे जिले के तीर्थ यात्री

Pilgrims from the district returned safely after the holy journey to Mathura-Vrindavan through the Chief Minister's Tirtha Darshan Yojana.

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से श्रद्धा का सफर, मथुरा-वृन्दावन की पावन यात्रा कर सकुशल लौटे जिले के तीर्थ यात्री

एमसीबी/19 दिसम्बर 2025

छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समाज कल्याण विभाग, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा वरिष्ठ नागरिकों एवं श्रद्धालुओं के लिए पावन तीर्थ यात्रा का सफल आयोजन किया गया। योजना के तहत जिले से कुल 79 तीर्थ यात्रियों के साथ 1 स्कॉर्ट प्रभारी, 2 चिकित्सा अधिकारी तथा 3 अनुरक्षक नियुक्त किए गए थे, ताकि यात्रा के दौरान यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य का पूर्ण ध्यान रखा जा सके। इस धार्मिक यात्रा के लिए विगत 13 दिसंबर 2025 को दोपहर 12 बजे सभी तीर्थ यात्री स्पेशल बस द्वारा मनेन्द्रगढ़ से बैकुण्ठपुर रोड रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुए। वहीं बैकुण्ठपुर रोड रेलवे स्टेशन से सायं 03.30 बजे स्पेशल ट्रेन के माध्यम से मथुरा के लिए तीर्थ यात्रियों को रवाना किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर स्पेशल ट्रेन को रवाना किया गया था, जिससे यात्रियों में उत्साह और श्रद्धा का विशेष वातावरण बना। यात्रा के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं और तीर्थ यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
तीर्थ यात्रा के अंतर्गत विगत 14 दिसंबर 2025 को श्रद्धालुओं ने मथुरा-वृन्दावन में स्थित प्रेम मंदिर, बांके बिहारी मंदिर तथा श्रीरंग मंदिर के दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। इसके पश्चात 15 दिसंबर 2025 को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में विधिवत दर्शन किए गए। दर्शन उपरांत उसी दिन सभी तीर्थ यात्री वापसी यात्रा के लिए प्रस्थान हुए।
वहीं विगत 16 दिसंबर 2025 को सायं 05.30 बजे सभी तीर्थ यात्री स्पेशल बस द्वारा बैकुण्ठपुर से सकुशल मनेन्द्रगढ़ पहुंचे। सुरक्षित एवं सफल वापसी के बाद तीर्थ यात्रियों में अत्यधिक हर्ष और उल्लास का माहौल देखने को मिला। यात्रियों ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ शासन एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यह योजना न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करती है, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में सुख, संतोष और आध्यात्मिक शांति का संचार भी करती है।