रजत महोत्सव पर सिम्म में लोगों काे स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

People were made aware about health in Simm on the occasion of Silver Jubilee.

रजत महोत्सव पर सिम्म में लोगों काे स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के  रजत महोत्सव के उपलक्ष में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (सिम्स) बिलासपुर में जन-जागरूकता से जुड़े  कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य आमजन में स्वास्थ्य संबंधी सजगता बढ़ाना तथा चिकित्सा क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित करना रहा।

     एमआरडी विभाग में मरीजों को उच्च रक्तचाप से बचाव और रोकथाम के संबंध में परामर्श दिया गया। अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने डैश डाइट उच्च रक्तचाप नियंत्रित करने का प्राकृतिक और प्रभावी तरीक़ो की विस्तृत जानकरी आम जन मानस से साझा की।

      डैश डाइट  को उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) को नियंत्रित करने और हृदय स्वास्थ्य सुधारने के लिए प्रभावी आहार योजना के रूप में पेश किया। यह डाइट मुख्य रूप से फल, सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद, मछली, चिकन और मेवे पर आधारित है और सोडियम, संतृप्त व ट्रांस फैट और अतिरिक्त शक्कर को सीमित करती है।

    डीन डॉ. मूर्ति ने कहा कि डैश डाइट को केवल आहार न मानकर लंबी अवधि की जीवनशैली के रूप में अपनाना चाहिए। नियमित व्यायाम, धूम्रपान और शराब से परहेज़, तथा संतुलित भोजन इसे और प्रभावी बनाते हैं। व्यक्तिगत स्वास्थ्य के अनुसार योजना बनाने के लिए डॉक्टर या डाइटिशियन से परामर्श की सलाह दी जाती है। भोजन पर अतिरिक्त नमक न लेने तथा भोजन से पूर्व सलाद को शामिल करने की महत्वपूर्ण सलाह दी एवं 1500 मिली ग्राम नमक खाना रोजाना आदर्श मात्रा है । चिकित्सकों ने संतुलित आहार, जीवनशैली सुधार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।

        प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में महिलाओं के लिए नसबंदी एवं गर्भनिरोधक तकनीकों पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मातृ स्वास्थ्य संरक्षण, परिवार नियोजन और सुरक्षित मातृत्व से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता जोगी, कैंसर विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रहास ध्रुव, डाइटिशियन प्रांजुल श्रीवास्तव तथा परामर्शदाता वर्षा झा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।