इंस्टाग्राम पर रील बनाना महिला शिक्षकों को पड़ा भारी, तीन टीचर्स सस्पेंड

Making reels on Instagram proved costly for female teachers, three teachers suspended

इंस्टाग्राम पर रील बनाना महिला शिक्षकों को पड़ा भारी, तीन टीचर्स सस्पेंड

हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में तीन महिला शिक्षकों को इंस्टाग्राम पर रील बनाना महंगा पड़ गया। वायरल वीडियो के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने मामले का संज्ञान लेते हुए तीनों शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है।

शिक्षिका पवन कुमारी, आरती कुमारी और एक अन्य शिक्षिका ने बीआरसी कार्यालय में चल रही एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) ट्रेनिंग के दौरान रील बनाई थी। इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर @viral36garh नामक अकाउंट से शेयर किया गया।

गांव अमीरपुर-नंगोला के पूर्व प्रधान सुरेंद्र कुमार त्यागी ने डीएम हापुड़ को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ये शिक्षिकाएं पढ़ाई के प्रति लापरवाही बरत रही हैं और विद्यालय में रील बनाने में व्यस्त रहती हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 13 दिसंबर को दोनों शिक्षिकाएं उनके घर आईं, गाली-गलौज की और मारपीट व धमकी दी। पूर्व प्रधान का कहना है कि शिक्षिकाओं ने उन्हें झूठे रेप के केस में फंसाने की धमकी भी दी। शिकायत के आधार पर बीएसए ने मामले की जांच कराई। जांच में पाया गया कि तीनों शिक्षिकाओं ने ट्रेनिंग के दौरान वीडियो बनाया था। शिक्षकों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुना गया। हालांकि, उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की, जिसके बाद कार्रवाई की गई।

बीएसए ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई की और कहा कि शैक्षिक समय में लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अन्य शिक्षकों को भी आगाह किया कि विद्यालय और ट्रेनिंग के समय केवल शिक्षण कार्य पर ध्यान केंद्रित करें।

यह मामला सरकारी कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया के अनुचित उपयोग का एक और उदाहरण है। शिक्षकों की इस हरकत ने उनकी जिम्मेदारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं और बच्चों की शिक्षा के प्रति उनके रवैये को उजागर किया है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।