तीन चरणों में मनाया जा रहा है हर घर तिरंगा कार्यक्रम
Har Ghar Tiranga program is being celebrated in three phases
हर नागरिक की भागीदारी होगी सुनिश्चित
बिलासपुर। जिले में हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है। जिला पंचायत बिलासपुर द्वारा हर घर तिरंगा कार्यक्रम 2025 के सफल आयोजन हेतु 2 अगस्त से 15 अगस्त तक तीन चरणों में व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। पहले चरण में जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में तिरंगा थीम पर दीवार सज्जा, रंगोली, पेंटिंग एवं अन्य कला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही एसएचजी समूहों द्वारा तिरंगा राखी निर्माण कर उन्हें सैनिकों और पुलिसकर्मियों को भेजा जाएगा। हाट-बाजारों में तिरंगा रंग की पारंपरिक वस्त्र शिल्प का प्रदर्शन किया जाएगा। दूसरे चरण में जनभागीदारी सप्ताह मनाया जाएगा जिसमें “तिरंगा महोत्सव” जैसे विशेष आयोजन किए जाएंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर वीआईपी अतिथियों जैसे कि सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता की उपस्थिति में जिला मुख्यालय या बड़े जनसमूह वाले ब्लॉक में एक दिवसीय तिरंगा महोत्सव कार्यक्रम आयोजित होंगे। हाट-बाजारों में तिरंगा मेले का आयोजन किया जाएगा जिसमें एसएचजी उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जाएगी। महिला समूहों को विशेष स्टॉल आबंटित किये जायेंगे।
स्कूली छात्रों, युवा मंडलों और ग्रामीण युवाओं की भागीदारी से तिरंगा रैली और साइकिल रैली निकाली जाएगी। सीएपीएफ और पुलिस विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा। देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ तिरंगा कॉन्सर्ट का आयोजन किया जाएगा और सेल्फी बूथ स्थापित कर हर घर तिरंगा अभियान का प्रचार किया जाएगा। प्रमुख चौक-चौराहों, पंचायत भवनों और बाजारों को तिरंगा रोशनी से सजाया जाएगा। तीसरे चरण में 13 से 15 अगस्त के बीच ध्वजारोहण एवं फोटो अपलोड सप्ताह मनाया जाएगा। पंचायत भवन, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्रों में ध्वजारोहण किया जाएगा। प्रत्येक घर पर ध्वज लगाने हेतु प्रेरणा अभियान चलाया जाएगा, जिसमें ग्राम सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एसएचजी सदस्यों द्वारा घर-घर जाकर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। नागरिकों को www.harghartiranga.com पर अधिक से अधिक फोटो अपलोड करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस संपूर्ण अभियान की निगरानी हेतु ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी और ग्राम पंचायतों में स्वयंसेवकों की टीमें बनाई जाएंगी।






