चीन के हाथ लगा कुबेर का खजाना, भूवैज्ञानिकों ने खोजा 300.2 टन सोने का भंडार
China got Kuber's treasure, geologists discovered 300.2 tonnes of gold reserves
चीन के हुनान प्रांत में सोने के एक बड़े भंडार की खोज की गई है। इस खोज का वैश्विक सोने के उत्पादन और बाजारों पर बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि भूवैज्ञानिकों ने चीन के हुनान प्रांत के पिंगजियांग काउंटी के वांगू इलाके में सोने का एक बड़ा भंडार खोजा है। जमीन से करीब 2,000 मीटर से भी अधिक गहराई पर ये खोज की गई। खोज के दौरान 40 से अधिक सोने की सुरंगें सामने आई हैं।
शुरुआती खोज में मिला सोना करीब 300.2 टन इतना होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस क्षेत्र में सोने की उच्चतम मात्रा 138 ग्राम प्रति टन तक है। बताया जा रहा है कि यह सोने का भंडार 3,000 मीटर तक गहरा हो सकता है। जानिए इस खोज का वैश्विक सोने के उत्पादन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक 3,000 मीटर से अधिक की गहराई पर सोने का भंडार करीब 1,000 टन तक हो सकता है। इस खजाने का कुल मूल्य 82.8 बिलियन डॉलर यानी लगभग 69,306 करोड़ रुपये होने का अंदाजा है। अब 2024 की दूसरी तिमाही में चीन का सोने का भंडार 2,264.32 टन तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा नवंबर 2022 के मुकाबले 314 टन ज्यादा है।
वैश्विक सोने के उत्पादन में चीन का योगदान
चीन दुनिया का सबसे बड़ा सोना उत्पादक है। विश्व स्वर्ण परिषद के अनुसार, 2023 में वैश्विक सोने के उत्पादन में चीन की हिस्सेदारी लगभग 10% थी। अब इस नई खोज से यह संख्या और बढ़ सकती है, जिससे सोने के उत्पादन में चीन का दबदबा और भी मजबूत होगा।
चीन का उन्नत भूविज्ञान
वांगु साइट की खोज चीन की उन्नत भूविज्ञान और खनन तकनीकों को दर्शाती है। इतनी गहराई पर सोना ढूंढना न केवल तकनीकी प्रगति को दर्शाता है बल्कि भूवैज्ञानिकों के लिए एक नई चुनौती भी है। इस खोज के बाद अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे दुनिया के प्रमुख सोना उत्पादक देशों के लिए प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार हो सकता है। चीन का यह कदम उसे भू-आर्थिक शक्ति के रूप में और मजबूत कर सकता है।
वांगु साइट से क्या उम्मीद करें?
वांगु साइट की खोज से न केवल चीन के सोने के भंडार में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय आर्थिक गतिविधि को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे खनन, रोजगार और निवेश क्षेत्रों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। सोने के खनन से पर्यावरण पर असर पड़ सकता है। चीन को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि खनन प्रक्रिया से पर्यावरण संतुलन न बिगड़े।






