मुकेश चंद्राकर की हत्या पर छत्तीसगढ़ में रोष, पत्रकार और नेता मांग रहे न्याय
Anger in Chhattisgarh over the murder of Mukesh Chandrakar, journalists and leaders demanding justice
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है। पत्रकारों और समाज के अन्य वर्गों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। बस्तर संभाग के पत्रकारों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। उनकी प्रमुख मांगों में आरोपियों की गिरफ्तारी, ठेकेदार की संपत्तियों की कुर्की और सभी सरकारी ठेकों को निरस्त करना शामिल है।
हत्या का मामला और पुलिस जांच
मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी से लापता थे। शुक्रवार (3 जनवरी) को उनका शव बीजापुर के एक ठेकेदार के सेफ्टिक टैंक में पाया गया। परिजनों और पत्रकारों ने पहले ही पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच तेज करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
बीजापुर एसपी के नेतृत्व में एएसपी युगलैंडन यार्क और कोतवाली टीआई दुर्गेश शर्मा सहित अन्य अधिकारियों की एक विशेष टीम मामले की जांच कर रही है।
नेताओं की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए इसे पत्रकारिता और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने का वादा किया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा, "मुकेश की हत्या अत्यंत दु:खद है। दोषियों को सजा जरूर मिलेगी। पत्रकारिता जगत ने एक समर्पित सदस्य खो दिया है।"
राज्य के वरिष्ठ मंत्री केदार कश्यप ने चंद्राकर के अंतिम संस्कार में भाग लिया और उनके परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने कहा, "यह घटना दिल को झकझोरने वाली है। भाजपा परिवार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।"
पत्रकारों का आंदोलन
पत्रकारों ने इस हत्या के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध का ऐलान किया है। उन्होंने मांग की है कि घटना में शामिल सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यह घटना पत्रकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार और प्रशासन पर दबाव है कि वे इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करें ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।






